UP में 'महिला शक्ति' की श्वेत क्रांति: 31 जिलों में रोज 10 लाख लीटर दूध कलेक्शन, ₹5,000 करोड़ का खड़ा किया कारोबार

उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी सफलता की कहानी सामने आई है। राज्य सरकार के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 'श्वेत क्रांति' के इस नए चरण का नेतृत्व अब गांवों की महिलाएं कर रही हैं

25 Mar 2026  |  80

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से महिलाओं को डेयरी क्षेत्र से जोड़ा है, जिसके परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं। राज्य के 31 जिलों में सक्रिय महिला समूहों ने प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध एकत्र करने का कीर्तिमान स्थापित किया है। इस पहल ने न केवल दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया है, बल्कि प्रदेश में लगभग ₹5,000 करोड़ का एक विशाल व्यापारिक तंत्र भी तैयार कर दिया है।

6,000 गांवों का नेटवर्क और SHG की भूमिका

राज्य सरकार द्वारा जारी मीडिया बयान के अनुसार, इस मुहिम से 6,000 से अधिक गांवों की महिलाएं जुड़ी हुई हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से संगठित होकर ये महिलाएं दूध की खरीद (Procurement), प्रसंस्करण (Processing) और विपणन (Marketing) की पूरी वैल्यू चेन को खुद संभाल रही हैं।

क्षेत्रवार सक्रियता: प्रमुख 'मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां' (MPCL)

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष महिला दुग्ध उत्पादक कंपनियां कार्य कर रही हैं:

बुंदेलखंड क्षेत्र: 'बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी' झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट और महोबा में सक्रिय है।

पूर्वांचल क्षेत्र: 'काशी MPCL' वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, चंदौली और बलिया जैसे जिलों में कमान संभाले हुए है।

अवध और आसपास: 'सामर्थ्य MPCL' अयोध्या, रायबरेली, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर में महिलाओं को सशक्त बना रही है।

गोरखपुर संभाग: 'श्री बाबा गोरखनाथ कृपा MPCL' गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज में कार्यरत है।

तराई क्षेत्र: 'सृजन MPCL' बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहापुर, सीतापुर और रामपुर में नए अवसर पैदा कर रही है।

पलायन पर लगाम और आर्थिक स्वावलंबन

सरकार का मानना है कि यह मॉडल महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी (Entrepreneurs) के रूप में भी स्थापित कर रहा है। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज होने के कारण गांवों से होने वाले पलायन में भी कमी आई है। ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होने से उनके जीवन स्तर में सुधार देखा जा रहा है।

प्रमुख आंकड़े: एक नजर में

विवरणआंकड़े/प्रभाव
प्रतिदिन दुग्ध संकलन10 लाख लीटर
कुल कारोबारलगभग ₹5,000 करोड़
कवर किए गए जिले31 जिले
लाभान्वित गांव6,000+ गांव
मुख्य उद्देश्यग्रामीण विकास, पलायन रोकना और महिला सशक्तीकरण

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