मिडिल ईस्ट में पाकिस्तान को बड़ा कूटनीतिक झटका: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से वापस लौटाया पाकिस्तानी मालवाहक जहाज

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांतिदूत बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को ईरान ने गहरा झटका दिया है। एक तरफ इस्लामाबाद, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने पाकिस्तान जा रहे कंटेनर जहाज 'सेलन' (Selen) को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

25 Mar 2026  |  80

 

इस्लामाबाद/तेहरान | मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांतिदूत बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को ईरान ने गहरा झटका दिया है। एक तरफ इस्लामाबाद, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने पाकिस्तान जा रहे कंटेनर जहाज 'सेलन' (Selen) को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

रिपोर्ट्स के अनुसार, 'सेलन' नामक यह छोटा फीडर कंटेनर जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह से लगभग 6,850 टन सामान लेकर कराची की ओर बढ़ रहा था।

चेतावनी और वापसी: जैसे ही जहाज ओमान के रास्ते होर्मुज के पास पहुँचा, IRGC की नेवी ने उसे सख्त चेतावनी जारी की।

अनुमति का अभाव: ईरानी अधिकारियों का तर्क है कि जहाज के पास इस संवेदनशील जलमार्ग से गुजरने की आवश्यक अनुमति नहीं थी, जिसके बाद जहाज को मजबूरन वापस खाड़ी की ओर मुड़ना पड़ा।

पाकिस्तान के लिए 'टाइमिंग' बनी मुसीबत

यह घटना पाकिस्तान के लिए केवल एक व्यापारिक बाधा नहीं, बल्कि एक बड़ी कूटनीतिक विफलता मानी जा रही है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:

मैराथन बातचीत बेअसर: पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने ईरान के साथ कम से कम तीन बार उच्च स्तरीय फोन पर बातचीत की है। स्वयं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से संपर्क साधा था। इसके बावजूद जहाज का रोका जाना संकेत देता है कि ईरान फिलहाल पाकिस्तान की मध्यस्थता से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।

शांति वार्ता पर संकट के बादल: इस्लामाबाद में जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण शांति बैठक प्रस्तावित है। ऐसे में ईरान का यह कड़ा रुख पाकिस्तान की 'मध्यस्थ' वाली छवि को कमजोर कर सकता है।

जहाज 'सेलन' की प्रोफाइल

क्षमता: लगभग 6,850 टन पेलोड।

निर्माण: वर्ष 2000 में निर्मित।

कार्गो: जहाज में लदे सामान की प्रकृति का अभी खुलासा नहीं किया गया है, जिसने रहस्य और बढ़ा दिया है।

चुप्पी का माहौल: इस घटना पर जहाँ पाकिस्तान सरकार ने पूरी तरह मौन साध रखा है, वहीं यूएई (UAE) की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। काबुल स्थित ईरानी दूतावास ने केवल इतना स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के किसी भी जहाज को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

विशेषज्ञों की राय

रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने इस कदम के जरिए पाकिस्तान को यह संदेश दिया है कि वह अमेरिका के इशारे पर लिखी जा रही किसी भी 'स्क्रिप्ट' को बिना अपनी शर्तों के स्वीकार नहीं करेगा। होर्मुज जैसे रणनीतिक मार्ग पर पाकिस्तान के जहाज को रोकना यह दर्शाता है कि रिश्तों में अभी भी 'विश्वास की कमी' बरकरार है।

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