होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा फैसला: 'दुश्मनों के लिए रास्ते बंद, मित्रों के लिए खुले',चीन, भारत, रूस, इराक और पाकिस्तान को अनुमति

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज स्ट्रैट (Hormuz Strait) को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान जारी किया है। अराघची ने स्पष्ट किया है कि यह समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि इसे केवल 'दुश्मन देशों' के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

26 Mar 2026  |  78

 

तेहरान: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग, होर्मुज स्ट्रैट (Hormuz Strait) को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान जारी किया है। अराघची ने स्पष्ट किया है कि यह समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि इसे केवल 'दुश्मन देशों' के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

चयनात्मक नियंत्रण: किसे अनुमति, किसे रोक?

राज्य टेलीविजन पर बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं इस रणनीतिक मार्ग पर चयनात्मक नियंत्रण (Selective Control) लागू कर रही हैं।

प्रतिबंधित देश: अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के टैंकरों और जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अराघची ने तर्क दिया कि दुश्मनों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने का कोई कारण नहीं है।

मित्र राष्ट्रों को राहत: चीन, भारत, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के जहाजों को उचित समन्वय के बाद 'सुरक्षित पास' दिया जा रहा है।

वैश्विक प्रभाव: दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20% इसी चोक पॉइंट से गुजरता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मच गई है।

'बातचीत का सवाल ही नहीं': ईरान का सख्त रुख

व्हाइट हाउस की ओर से आई शांति समझौते की अपील और चेतावनी को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।

"हमारी नीति प्रतिरोध की है। इस समय बातचीत के बारे में सोचना भी हार मानने के बराबर होगा। हम किसी भी दबाव के आगे झुकने का इरादा नहीं रखते।" — अब्बास अराघची, विदेश मंत्री, ईरान

ईरान का यह बयान अमेरिका की उस टिप्पणी के कुछ ही घंटों बाद आया है जिसमें व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा था कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। अराघची के बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान का रुख अभी भी पूरी तरह सिद्धांत-आधारित और कड़ा बना हुआ है।

ऊर्जा बाजार में संकट के बादल

इस घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। शिपिंग कंपनियों के लिए बीमा लागत बढ़ गई है और मार्ग बदलने के कारण रसद (Logistics) की चुनौतियां पैदा हो गई हैं। ईरान का यह कदम सीधे तौर पर पश्चिमी देशों की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

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