खाड़ी में 'शांति' की बिसात: अमेरिका का 15-सूत्रीय प्रस्ताव और पाकिस्तान की मध्यस्थता, क्या जेडी वेंस रोक पाएंगे महायुद्ध?

अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध आज 27वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जहाँ एक ओर मिसाइलों और हवाई हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, वहीं दूसरी ओर पर्दे के पीछे कूटनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान को एक 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसने इस संघर्ष को खत्म करने की एक क्षीण उम्मीद जगाई है।

26 Mar 2026  |  76

 

इस्लामाबाद/वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध आज 27वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जहाँ एक ओर मिसाइलों और हवाई हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, वहीं दूसरी ओर पर्दे के पीछे कूटनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान को एक 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसने इस संघर्ष को खत्म करने की एक क्षीण उम्मीद जगाई है।

ट्रम्प का प्रस्ताव: शर्तें सख्त, पर बातचीत जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि तेहरान के शीर्ष नेतृत्व के साथ युद्ध विराम को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है। हालाँकि, अमेरिका की शर्तें काफी कड़ी हैं:

परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम: ईरान को अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों पर पूर्ण अंकुश लगाना होगा।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए इस महत्वपूर्ण रास्ते को तुरंत खोलना होगा।

बदले में राहत: यदि ईरान शर्तें मानता है, तो अमेरिका प्रतिबंधों में ढील और आर्थिक सहयोग का विकल्प दे सकता है।

ईरान की पसंद: जेडी वेंस ही क्यों?

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे CNN और रॉयटर्स) के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ या जेरेड कुशनर के बजाय अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करने में रुचि दिखाई है।

भरोसे का संकट: ईरानी अधिकारियों का मानना है कि पिछले दूतों के साथ बातचीत के तुरंत बाद सैन्य हमले हुए, जिससे उन पर भरोसा कम हुआ है।

वेंस का रुख: जेडी वेंस सार्वजनिक रूप से मध्य पूर्व के युद्धों में अमेरिका के सीधे उलझने के खिलाफ रहे हैं। ईरान को उम्मीद है कि वेंस एक 'व्यावहारिक' समझौता कराने में सक्षम हो सकते हैं।

इस्लामाबाद बनेगा 'पीस समिट' का गवाह?

पाकिस्तान इस समय इस महायुद्ध को रुकवाने के लिए एक मुख्य मध्यस्थ (Mediator) के रूप में उभरा है।

उच्च स्तरीय बैठक: संभावना है कि इसी हफ्ते उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंचेंगे, जहाँ वे ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलिबाफ के साथ एक गोपनीय बैठक कर सकते हैं।

पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस वार्ता को सफल बनाने के लिए वाशिंगटन और तेहरान, दोनों के संपर्क में हैं।

"हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन शांति केवल हमारी शर्तों और संप्रभुता के सम्मान के साथ ही संभव है। हम हर उस हाथ से बात करने को तैयार हैं जो ईमानदारी से संघर्ष को खत्म करना चाहता है।" — ईरानी विदेश मंत्रालय के सूत्रों का संकेत

दांव पर ट्रम्प की 'प्रतिष्ठा'

युद्ध के 27वें दिन भी जारी रहने से राष्ट्रपति ट्रम्प पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। यदि यह शांति वार्ता विफल होती है, तो अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर और भी 'भीषण' हमलों की चेतावनी दी है। वहीं, ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है और युद्ध विराम तभी होगा जब उसकी सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित की जाएगी।

निष्कर्ष: क्या जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा इस विनाशकारी युद्ध का 'ऑफ-रैंप' (Exit) साबित होगी? पूरी दुनिया की नजरें अब पाकिस्तान की धरती पर होने वाली इस संभावित ऐतिहासिक मुलाकात पर टिकी हैं।

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