RCB की 'विराट' डील: ₹16,660 करोड़ में बिकी बेंगलुरु टीम, भगोड़े माल्या ने आलोचकों को घेरा— बोले, "450 करोड़ का निवेश आज 37 गुना बढ़ा"

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) अब नए हाथों में खेलती नजर आएगी। 'यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड' (USL) ने इस फ्रेंचाइजी को आदित्य बिड़ला ग्रुप और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के एक कंसोर्टियम (समूह) को करीब 16,660 करोड़ रुपये की नकद डील में बेच दिया है।

26 Mar 2026  |  84

 

बेंगलुरु/लंदन: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) अब नए हाथों में खेलती नजर आएगी। 'यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड' (USL) ने इस फ्रेंचाइजी को आदित्य बिड़ला ग्रुप और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के एक कंसोर्टियम (समूह) को करीब 16,660 करोड़ रुपये की नकद डील में बेच दिया है।

यदि इसमें महिला प्रीमियर लीग (WPL) का भुगतान और BCCI का कमीशन जोड़ दिया जाए, तो इस पूरी डील की कीमत लगभग 18,776 करोड़ रुपये (2 अरब डॉलर) तक पहुंच जाती है।

विजय माल्या का तंज: "तब लोग मुझ पर हंसते थे"

टीम के पूर्व मालिक और भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने इस सौदे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जश्न मनाते हुए अपने आलोचकों पर तीखा प्रहार किया। माल्या ने कहा:

ऐतिहासिक रिटर्न: "जब 2008 में मैंने इस टीम को 450 करोड़ रुपये में खरीदा था, तब लोगों ने इसे मेरा 'अहंकार' और 'सनक' बताया था। आज उसी निवेश की कीमत 37 गुना बढ़कर 16,500 करोड़ के पार हो गई है।"

विराट का चुनाव: माल्या ने नए मालिकों को शुभकामनाएं देते हुए याद दिलाया कि विराट कोहली जैसे दिग्गज को टीम के लिए चुनने का फैसला उन्हीं का था।

ब्रांडिंग की रणनीति: उन्होंने साफ किया कि टीम का नाम 'रॉयल चैलेंज' ब्रांड को स्थापित करने के लिए रखा गया था, जो आज एक वैश्विक पहचान बन चुका है।

नोट: विजय माल्या भारतीय बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने के मामले में भारत में वांछित (Wanted) हैं और उनके प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इन दिग्गजों ने खरीदी टीम

RCB को खरीदने वाले इस शक्तिशाली समूह (Consortium) में कई बड़े नाम शामिल हैं:

आदित्य बिड़ला ग्रुप: कुमार मंगलम बिड़ला की अगुवाई में।

द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप: बिड़ला ग्रुप के पार्टनर के तौर पर।

बोल्ट वेंचर्स: अमेरिकी स्पोर्ट्स इन्वेस्टर डेविड ब्लिट्ज़र की अगुवाई में।

ब्लैकस्टोन इंक: ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी दिग्गज।

IPL बना 'डॉलर' की खान

यह डील IPL के बढ़ते वित्तीय साम्राज्य की गवाह है। लीग का कुल वैल्यूएशन अब 18.5 अरब डॉलर आंका गया है।

डबल-हेडर डील: इसी दिन राजस्थान रॉयल्स को भी एक अमेरिकी कंसोर्टियम को 1.63 अरब डॉलर में बेचा गया, जिसकी अगुवाई काल सोमानी कर रहे थे।

नॉन-कोर एसेट: पिछले मालिकों (USL/डियाजियो) ने आरसीबी को एक 'नॉन-कोर एसेट' (मुख्य व्यवसाय से अलग संपत्ति) करार देते हुए इसे बेचने का फैसला किया।

अगला कदम: इस मेगा-डील को अभी 'भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड' (BCCI) और 'भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग' (CCI) से आधिकारिक मंजूरी मिलना बाकी है। इसके बाद ही मालिकाना हक का कानूनी हस्तांतरण पूरा होगा।

अन्य खबरें