हरियाणा का 'बड़ा बैंकिंग स्कैम': कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार, नगर निगम के 160 करोड़ रुपये की एफडी में सेंध

हरियाणा के बैंकिंग और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नगर निगम पंचकूला के करोड़ों रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जांच एजेंसियों ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटक महिंद्रा बैंक के एक पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। यह घोटाला न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि सरकारी फंड की सुरक्षा पर भी गंभीर सवालिया निशान लगाता है।

26 Mar 2026  |  217

 

पंचकूला/चंडीगढ़: हरियाणा के बैंकिंग और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नगर निगम पंचकूला के करोड़ों रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जांच एजेंसियों ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटक महिंद्रा बैंक के एक पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। यह घोटाला न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि सरकारी फंड की सुरक्षा पर भी गंभीर सवालिया निशान लगाता है।

साजिश का 'मास्टरमाइंड': दिलीप कुमार राघव गिरफ्तार

जांच एजेंसियों के मुताबिक, बैंक के पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव को इस साजिश रचने के आरोप में दबोचा गया है। आरोप है कि राघव ने मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर नगर निगम के फंड को हड़पने का पूरा जाल बुना था।

कैसे हुआ करोड़ों का 'खेल'?

घोटाले का तरीका बेहद शातिर और सुनियोजित था:

फर्जी ट्रांसफर: नगर निगम द्वारा जमा की गई बड़ी रकम को सुरक्षित एफडी में रखने के बजाय गोपनीय तरीके से फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

जाली दस्तावेज: निगम अधिकारियों को गुमराह करने के लिए बैंक के नाम पर नकली स्टेटमेंट और दस्तावेज तैयार किए गए।

कागजी 'सुरक्षा': रिकॉर्ड में सब कुछ सही दिखाया गया, जिससे लंबे समय तक किसी को भी भनक नहीं लगी कि असल में पैसा गायब हो चुका है।

58 करोड़ की एफडी ने खोली पोल

इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब नगर निगम ने अपनी 58 करोड़ रुपये की एक एफडी मैच्योर (समय पूरा) होने पर राशि ट्रांसफर करने को कहा।

बैंक ने स्टेटमेंट में दिखाया कि पैसा ट्रांसफर हो गया है।

जब निगम के वास्तविक बैंक खातों की जांच हुई, तो वहां एक रुपया भी नहीं पहुंचा था।

इसके बाद जब अन्य एफडी खंगाली गईं, तो पता चला कि कई प्रविष्टियां (Entries) पूरी तरह फर्जी थीं।

बैंक और प्रशासन का रुख

कोटक महिंद्रा बैंक: बैंक के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में सभी लेनदेन नियमों के तहत दिखे थे, लेकिन बैंक ने स्वयं पंचकूला पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और वह जांच में पूर्ण सहयोग कर रहा है।

कानूनी कार्रवाई: एंटी-करप्शन ब्यूरो और पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है।

"यह बैंकिंग सिस्टम के साथ किया गया एक गंभीर विश्वासघात है। हम इस सिंडिकेट की गहराई तक जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं।" — जांच अधिकारी

निष्कर्ष: 160 करोड़ रुपये का यह मामला अब राजनीतिक तूल भी पकड़ रहा है। जांच एजेंसियां अब उन 'फर्जी खातों' की तलाश कर रही हैं जिनमें नगर निगम का पैसा भेजा गया था।

 

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