ईंधन की कीमतों में 'आग': नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा किया, युद्ध के चलते निजी कंपनियों पर बढ़ा दबाव

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने लगा है। देश की प्रमुख निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। जहाँ निजी क्षेत्र की इस कंपनी ने इनपुट कॉस्ट का बोझ ग्राहकों पर डाला है, वहीं सरकारी तेल कंपनियां अब भी पुरानी कीमतों पर टिकी हुई हैं।

26 Mar 2026  |  83

 

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने लगा है। देश की प्रमुख निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। जहाँ निजी क्षेत्र की इस कंपनी ने इनपुट कॉस्ट का बोझ ग्राहकों पर डाला है, वहीं सरकारी तेल कंपनियां अब भी पुरानी कीमतों पर टिकी हुई हैं।

नायरा की बड़ी बढ़त: ₹5.30 तक महंगा हुआ पेट्रोल

रूस की रोसनेफ्ट (Rosneft) के स्वामित्व वाली नायरा एनर्जी, जो भारत के कुल पेट्रोल पंपों में से लगभग 6,967 का संचालन करती है, ने कीमतों में निम्नलिखित वृद्धि की है:

पेट्रोल: ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी (स्थानीय VAT के कारण कुछ राज्यों में यह ₹5.30 तक पहुँच गई है)।

डीजल: ₹3 प्रति लीटर का इजाफा।

कारण: 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के सैन्य हमलों के बाद से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50% का उछाल आया है, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है।

Jio-bp और सरकारी कंपनियों का रुख

बाजार की मौजूदा स्थिति काफी विरोधाभासी नजर आ रही है:

Jio-bp: रिलायंस और बीपी के इस संयुक्त उपक्रम ने भारी घाटा सहने के बावजूद अब तक रिटेल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

सरकारी कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL): बाजार में 90% हिस्सेदारी रखने वाली इन कंपनियों ने अप्रैल 2022 से सामान्य पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं। हालांकि, इन्होंने हाल ही में 'इंडस्ट्रियल डीजल' में ₹22/लीटर और 'प्रीमियम पेट्रोल' में ₹2/लीटर की वृद्धि की है।

प्राइवेट बनाम सरकारी: मुआवजे का अंतर

निजी कंपनियों के लिए चुनौतियां अधिक हैं क्योंकि उन्हें कीमतों को स्थिर रखने से होने वाले नुकसान के लिए सरकार से कोई वित्तीय सहायता या मुआवजा नहीं मिलता है। इसके विपरीत, सरकारी कंपनियों को सरकार का समर्थन प्राप्त होता है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू दरों को नियंत्रित रख पाती हैं।

दिल्ली में तेल के ताजा दाम (प्रति लीटर)

राजधानी दिल्ली में फिलहाल कीमतें इस प्रकार हैं:

सामान्य पेट्रोल: ₹94.77

सामान्य डीजल: ₹87.67

प्रीमियम (95-अऑक्टेन): ₹101.89 (₹2 की बढ़ोतरी के बाद)

औद्योगिक (Bulk) डीजल: ₹109.59 (₹22 की भारी बढ़ोतरी के बाद)

अक्टूबर रेटिंग का गणित: सामान्य पेट्रोल (91-92 ऑक्टेन) रोजमर्रा की कारों के लिए होता है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल (95-98 ऑक्टेन) हाई-परफॉर्मेंस इंजनों के लिए बेहतर होता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संकट

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 88% आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज की खाड़ी से होकर आता है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण इस समुद्री रास्ते पर टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। बीमा कंपनियों ने इस क्षेत्र के लिए कवरेज बंद कर दी है, जिससे सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है और कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची थीं (जो फिलहाल $100 के आसपास हैं)।

निष्कर्ष: नायरा एनर्जी का यह फैसला अन्य निजी रिटेलर्स पर भी कीमतें बढ़ाने का दबाव बना सकता है। यदि वैश्विक तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सरकारी तेल कंपनियों के लिए भी कीमतों को स्थिर रखना एक बड़ी चुनौती होगी।

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