'धुरंधर 2' पर प्रोपेगैंडा के आरोप: एक्टर मुस्तफा अहमद ने तोड़ी चुप्पी, कहा— "फेम के लिए अपना जमीर नहीं बेचा, नीयत साफ है"

आदित्य धर के निर्देशन में बनी स्पाई एक्शन थ्रिलर 'धुरंधर: द रिवेंज' जहाँ एक ओर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर यह फिल्म वैचारिक विवादों के केंद्र में आ गई है। फिल्म को 'प्रोपेगैंडा' बताने वाले आलोचकों को अब फिल्म के अहम कलाकार मुस्तफा अहमद ने करारा जवाब दिया है। मुस्तफा ने फिल्म में 'रिजवान' नामक भारतीय जासूस का किरदार निभाया है।

26 Mar 2026  |  86

 

मुंबई: आदित्य धर के निर्देशन में बनी स्पाई एक्शन थ्रिलर 'धुरंधर: द रिवेंज' जहाँ एक ओर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर यह फिल्म वैचारिक विवादों के केंद्र में आ गई है। फिल्म को 'प्रोपेगैंडा' बताने वाले आलोचकों को अब फिल्म के अहम कलाकार मुस्तफा अहमद ने करारा जवाब दिया है। मुस्तफा ने फिल्म में 'रिजवान' नामक भारतीय जासूस का किरदार निभाया है।

7 दिनों में 1000 करोड़ का जादुई आंकड़ा

19 मार्च को रिलीज हुई इस फिल्म ने महज एक हफ्ते में वर्ल्डवाइड 1000 करोड़ रुपये का कारोबार कर भारतीय सिनेमा में इतिहास रच दिया है। रणवीर सिंह के दमदार एक्शन और आदित्य धर के निर्देशन की हर तरफ चर्चा है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक वर्ग इसे 'एजेंडा आधारित' फिल्म बताकर निशाना साध रहा है।

"एक का प्रोपेगैंडा, दूसरे का एजेंडा"

फिल्म पर लग रहे आरोपों को खारिज करते हुए मुस्तफा अहमद ने 'बॉलीवुड कट अनकट' को दिए इंटरव्यू में बेहद सधे हुए अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा:

नजरिए का फर्क: "एक इंसान के लिए जो प्रोपेगैंडा है, दूसरे के लिए वह एजेंडा हो सकता है। हमारे देश की खूबसूरती यही है कि संविधान हमें अपनी राय रखने का हक देता है।"

नीयत और इरादा: मुस्तफा ने जोर देकर कहा कि अंत में सब कुछ 'इरादे' (Intention) पर निर्भर करता है। उन्होंने फिल्म बनाने के पीछे की टीम की नीयत को पूरी तरह साफ बताया।

नाम का दिया हवाला: "आदित्य जी को मेरी क्या जरूरत?"

मुस्तफा ने तार्किक ढंग से अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर फिल्म का उद्देश्य केवल प्रोपेगैंडा फैलाना होता, तो शायद निर्देशक किसी मुस्लिम कलाकार को मौका नहीं देते।

"मेरा नाम मुस्तफा अहमद है। अगर आदित्य जी का कोई खास एजेंडा होता, तो वह किसी महेश या मुकेश नाम के व्यक्ति को लेते। उन्होंने मुझ पर भरोसा किया क्योंकि फिल्म में नजरिए की इज्जत थी।"

"जमीर से समझौता नहीं किया"

आलोचकों द्वारा 'फेम के लिए जमीर बेचने' जैसे तीखे कमेंट्स पर मुस्तफा ने भावुक होते हुए कहा:

उन्होंने अपने किरदार या अपनी मां द्वारा दी गई सीख से कहीं भी समझौता नहीं किया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शूटिंग के दौरान उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि कुछ गलत दिखाया जा रहा है या उनका मन उस बात को स्वीकार नहीं कर रहा है।

निष्कर्ष: 'धुरंधर 2' की सफलता और इसके साथ जुड़ा विवाद एक बार फिर इस बहस को जन्म दे रहा है कि राष्ट्रवादी सिनेमा और प्रोपेगैंडा के बीच की लकीर कितनी धुंधली है। फिलहाल, मुस्तफा अहमद के इस बयान ने फिल्म के समर्थन में खड़े फैंस को एक नई दलील दे दी है।

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