ईरान जंग के एक माह: ट्रंप सरकार की बढ़ी मुश्किलें, 59% अमेरिकी नागरिक सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ

मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध को एक महीना पूरा होने वाला है, लेकिन शांति की कोई राह नजर नहीं आ रही है। जहाँ एक ओर ईरान झुकने को तैयार नहीं है और खाड़ी देशों पर निरंतर हमले कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस युद्ध ने राष्ट्रपति ट्रंप के लिए घरेलू मोर्चे पर गंभीर राजनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

27 Mar 2026  |  71

 

वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध को एक महीना पूरा होने वाला है, लेकिन शांति की कोई राह नजर नहीं आ रही है। जहाँ एक ओर ईरान झुकने को तैयार नहीं है और खाड़ी देशों पर निरंतर हमले कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस युद्ध ने राष्ट्रपति ट्रंप के लिए घरेलू मोर्चे पर गंभीर राजनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

सर्वेक्षण के चौंकाने वाले आंकड़े

'एपी-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च' द्वारा किए गए नवीनतम सर्वेक्षण में अमेरिकी जनता का मूड स्पष्ट रूप से युद्ध के खिलाफ नजर आ रहा है:

अत्यधिक हस्तक्षेप: लगभग 59% अमेरिकियों का मानना है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जरूरत से ज्यादा और 'अत्यधिक हस्तक्षेप' है।

जमीनी सेना का विरोध: सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि 74% नागरिक ट्रंप द्वारा ईरान में जमीनी सेना भेजने के सख्त खिलाफ हैं।

अस्थिर अर्थव्यवस्था: युद्ध के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों ने जनता में रोष भर दिया है। लगभग 45% लोग पेट्रोल की बढ़ती लागत को लेकर बेहद चिंतित हैं।

ट्रंप की लोकप्रियता पर मंडराते बादल

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप की समग्र 'अप्रूवल रेटिंग' अब तक स्थिर बनी हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी। प्रशासन द्वारा मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त युद्धपोत और सैनिकों की तैनाती ने जनता के बीच इस धारणा को मजबूत किया है कि यह एक 'बिना उद्देश्य का संघर्ष' है।

"जनता ईरान को परमाणु हथियार बनाने से तो रोकना चाहती है, लेकिन वे इसके लिए अपनी आर्थिक स्थिरता और घरेलू तेल-गैस की कीमतों से समझौता करने को तैयार नहीं हैं।"

प्रमुख चिंताएं और चुनौतियां

चुनौतीविवरण
सीजफायर का अभावएक महीना बीतने के बाद भी किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है।
आर्थिक दबावईंधन की बढ़ती कीमतें ट्रंप सरकार के लिए सबसे बड़ी आर्थिक सिरदर्दी बन गई हैं।
ईरान का रुखईरान लगातार आक्रामक बना हुआ है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा रहा है।

 

निष्कर्ष: जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंच रहा है, रिपब्लिकन सरकार के लिए इसे संभालना कठिन होता जा रहा है। यदि जल्द ही कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो विदेशी धरती पर चल रही यह जंग अमेरिका के भीतर ट्रंप के लिए एक बड़ी राजनीतिक आपदा में बदल सकती है।

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