तेहरान/इस्लामाबाद: ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब पाकिस्तानी दूतावास के बेहद करीब एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ। यह घटना रात करीब 8 बजे तेहरान के पॉश और रणनीतिक रूप से संवेदनशील पासदरान जिले में हुई। गनीमत यह रही कि इस भीषण धमाके में पाकिस्तानी राजदूत मुदस्सिर टिप्पू और दूतावास के सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश?
सूत्रों के अनुसार, यह विस्फोट पाकिस्तानी दूतावास और राजदूत के आवास के निकट स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया प्रतीत होता है। पासदरान इलाका अपने सैन्य महत्व के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है। धमाका इतना तीव्र था कि पूरे दूतावास परिसर में कंपन महसूस किया गया, हालांकि मुख्य इमारत को कोई भौतिक नुकसान नहीं पहुँचा है।
28वें दिन भी बमबारी का साया
तेहरान पिछले 28 दिनों से लगातार हवाई हमलों और बमबारी का सामना कर रहा है। अमेरिका और इज़रायल के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच यह विस्फोट हुआ है। दूतावास प्रशासन ने तुरंत प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी स्टाफ को हाई अलर्ट पर रख दिया है और परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
कुवैत बंदरगाह पर ड्रोन अटैक: बढ़ता क्षेत्रीय संकट
ईरान में जारी इस संघर्ष की आग अब पड़ोसी देशों तक भी पहुँच रही है। शुक्रवार को एक अज्ञात ड्रोन हमले में कुवैत का मुख्य व्यापारिक बंदरगाह क्षतिग्रस्त हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल हब को निशाना बनाना ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच जारी 'प्रॉक्सी वॉर' का हिस्सा हो सकता है।
राजनयिक स्थिति: संघर्ष के बावजूद पाकिस्तानी राजदूत मुदस्सिर टिप्पू और उनका स्टाफ तेहरान में तैनात है और स्थिति की पल-पल की निगरानी कर रहा है।
पाकिस्तान की शांति पहल और कूटनीतिक प्रयास
दिलचस्प बात यह है कि यह हमला उस समय हुआ है जब पाकिस्तान सक्रिय रूप से शांति दूत की भूमिका निभा रहा है:
युद्धविराम की कोशिश: पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के साथ मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
अपील: इस्लामाबाद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि युद्ध के दौरान राजनयिक मिशनों (Diplomatic Missions) की सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
युद्ध क्षेत्र के ताजा हालात
| स्थान | घटना | प्रभाव |
|---|---|---|
| तेहरान (पासदरान) | दूतावास के पास भीषण विस्फोट | राजदूत सुरक्षित, सैन्य ठिकानों पर हमले का अंदेशा |
| कुवैत बंदरगाह | ड्रोन हमला | व्यापारिक हब क्षतिग्रस्त, आर्थिक गतिविधियों पर असर |
| राजनयिक मिशन | हाई अलर्ट | सुरक्षा बढ़ाई गई, कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी |