नई दिल्ली: सिनेमा प्रेमियों और कला जगत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन फिल्म सिटी के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में भी एक भव्य इंटरनेशनल फिल्म सिटी का सपना साकार होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए दिल्ली सरकार को करीब 486 एकड़ जमीन आवंटित करने का निर्णय लिया है।
भारत मंडपम में होगा ऐतिहासिक करार (MoU)
आज शुक्रवार शाम, प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार (प्रसार भारती) के बीच आधिकारिक तौर पर सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह समझौता दिल्ली को उत्तर भारत के एक प्रमुख सांस्कृतिक और सिनेमाई केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सिनेमा का बदलता भूगोल: रामोजी से जेवर तक
पिछले कुछ दशकों में भारतीय सिनेमा का विस्तार तेजी से हुआ है। जहां हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी ने प्रोडक्शन और पर्यटन में अपना लोहा मनवाया है, वहीं पंजाबी और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के उदय ने क्षेत्रीय सिनेमा की ताकत को रेखांकित किया है।
नोएडा फिल्म सिटी: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-21 में बन रही फिल्म सिटी जेवर एयरपोर्ट से मात्र 4 किलोमीटर दूर है। हालांकि, वहां काम की रफ्तार फिलहाल धीमी है, लेकिन इसके पूरा होने पर करीब 1.5 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली फिल्म सिटी की खासियत और उद्देश्य
दिल्ली में प्रस्तावित यह फिल्म सिटी न केवल शूटिंग के लिए बल्कि आधुनिक तकनीकी सुविधाओं का भी केंद्र होगी:
अत्याधुनिक स्टूडियो: इसमें वर्ल्ड-क्लास एडिटिंग, एनीमेशन और वीएफएक्स (VFX) स्टूडियो विकसित किए जाएंगे।
डिजिटल हब: मीडिया प्रोडक्शन हाउस और डिजिटल मनोरंजन के लिए एक एकीकृत ईकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।
रोजगार के अवसर: नोएडा की तर्ज पर दिल्ली फिल्म सिटी से भी हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
राजधानी का गौरव: दिल्ली और एनसीआर के कलाकारों के लिए अब मुंबई या हैदराबाद का रुख करना अनिवार्य नहीं होगा। घर के पास ही विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलने से स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिलेगा।
फिल्म सिटी प्रोजेक्ट: एक तुलनात्मक नजर
| विशेषता | नोएडा (प्रस्तावित/निर्माणाधीन) | दिल्ली (नया प्रस्ताव) |
|---|---|---|
| क्षेत्रफल | सेक्टर-21, यमुना एक्सप्रेसवे | करीब 486 एकड़ |
| मुख्य लाभ | जेवर एयरपोर्ट से निकटता (4 किमी) | राजधानी के बुनियादी ढांचे का लाभ |
| रोजगार लक्ष्य | करीब 1.5 लाख | हजारों नए अवसर (संभावित) |
| वर्तमान स्थिति | काम जारी (विकास में देरी की खबरें) | आज MoU पर हस्ताक्षर |
निष्कर्ष: दिल्ली में फिल्म सिटी के निर्माण से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह शहर वैश्विक फिल्म मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान दर्ज कराएगा। आज शाम होने वाला यह करार दिल्ली के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।