पटना/आरा: बिहार की सियासत में इन दिनों सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो ने भूचाल ला दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के सलाहकार दानिश रिजवान ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए वीडियो को 'एडिट' कर छवि खराब करने से जुड़ा है।
विवाद की जड़: 'फायरिंग' वाला वो वीडियो
विवाद की शुरुआत गुरुवार को हुई, जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के आधिकारिक 'X' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया।
वीडियो का कंटेंट: इस क्लिप में दानिश रिजवान को कथित तौर पर फायरिंग करते हुए दिखाया गया है।
RJD का वार: राजद ने इस वीडियो के जरिए बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए एनडीए (NDA) सरकार पर तीखा निशाना साधा।
दानिश रिजवान का पलटवार: "यह AI की साजिश है"
इस पोस्ट के बाद दानिश रिजवान ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया।
AI तकनीक का दुरुपयोग: रिजवान का दावा है कि वीडियो को AI तकनीक की मदद से एडिट किया गया है ताकि उनकी और सरकार की छवि धूमिल की जा सके।
नेताओं पर आरोप: उन्होंने केवल तेजस्वी यादव ही नहीं, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं का नाम लेते हुए इसे विपक्षी गठबंधन की मिलीभगत बताया है।
कानूनी कार्रवाई: रिजवान ने भोजपुर साइबर थाने में ई-मेल के माध्यम से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच और तकनीकी पहलू
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है:
जांच की जिम्मेदारी: आरा सदर के SDPO को मामले की तहकीकात का जिम्मा सौंपा गया है।
फॉरेंसिक फोकस: पुलिस अब वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या वाकई वीडियो को 'मैनिपुलेट' या 'डीपफेक' तकनीक से बनाया गया है।
साक्ष्यों की तलाश: तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वीडियो का मूल स्रोत क्या है और इसे कहां एडिट किया गया।
सियासी टकराव: एक नजर में
| पक्ष | मुख्य तर्क / आरोप | स्थिति |
|---|---|---|
| राजद (RJD) | वीडियो के जरिए कानून-व्यवस्था पर सवाल। | वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। |
| दानिश रिजवान | वीडियो AI से एडिटेड है; छवि खराब करने की साजिश। | साइबर थाने में शिकायत दर्ज। |
| बिहार पुलिस | वीडियो की तकनीकी और फोरेंसिक जांच। | SDPO स्तर पर जांच जारी। |
बिहार की राजनीति में यह पहला बड़ा मामला है जहाँ AI और डीपफेक तकनीक के इस्तेमाल को लेकर सीधा सियासी टकराव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच रिपोर्ट न केवल दोषियों का निर्धारण करेगी, बल्कि भविष्य में सोशल मीडिया के राजनीतिक इस्तेमाल के लिए एक नजीर भी पेश करेगी।