वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक दोहरी रणनीति अपनाते दिख रहे हैं। एक तरफ उन्होंने ईरान के साथ 'शांति वार्ता' का विकल्प खुला रखा है, वहीं दूसरी तरफ युद्ध की किसी भी संभावना के लिए क्षेत्र में सैन्य ताकत को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया है। पेंटागन अब क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है, जो पहले से वहां मौजूद करीब 50,000 अमेरिकी सैनिकों को मजबूती देंगे।
1. सैन्य जमावड़ा: 17,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैयारी
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) इस समय मिडिल ईस्ट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़ी तैनाती की प्रक्रिया में है:
82वीं एयरबोर्न डिवीजन: इस विशिष्ट डिवीजन के कम से कम 1,000 सैनिकों को तत्काल तैनात करने का आदेश दिया गया है। कुल मिलाकर इस डिवीजन से 3,000 तक पैराट्रूपर्स भेजे जा सकते हैं।
मरीन और नौसेना: दो मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) के जरिए लगभग 5,000 मरीन और हजारों अन्य नौसैनिक कर्मी क्षेत्र में पहुँच रहे हैं।
10,000 की अतिरिक्त योजना: वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के अनुसार, पेंटागन 10,000 और अतिरिक्त सैनिकों को भेजने पर विचार कर रहा है। यदि यह फैसला होता है, तो हालिया तैनाती का कुल आंकड़ा 17,000 तक पहुँच जाएगा।
2. ट्रंप का 'डेडलाइन' दांव: 6 अप्रैल तक की मोहलत
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की है कि उन्होंने ईरान के एनर्जी सेक्टर पर संभावित हमलों को 10 दिनों के लिए (6 अप्रैल तक) टाल दिया है।
ईरान का अनुरोध?: ट्रंप का दावा है कि यह समय सीमा ईरान के अनुरोध पर बढ़ाई गई है, ताकि बातचीत के लिए समय मिल सके। हालांकि, मध्यस्थों का कहना है कि तेहरान ने आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई समय नहीं मांगा है।
चेतावनी: ट्रंप ने साफ किया है कि यदि 6 अप्रैल रात 8 बजे (पूर्वी समय) तक बातचीत में प्रगति नहीं हुई, तो ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
3. 15-सूत्रीय शांति योजना और गतिरोध
अमेरिका ने ईरान के सामने एक 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना रखी है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन खत्म करने जैसी कड़ी शर्तें शामिल हैं।
ईरान का रुख: ईरान ने सार्वजनिक रूप से इन वार्ताओं को 'फेक न्यूज' बताया है, हालांकि कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पाकिस्तान के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
ट्रंप का दावा: ट्रंप के अनुसार, "ईरान हमसे समझौता करने की भीख मांग रहा है," और उन्होंने ईरानी नेताओं को चेतावनी दी है कि बहुत देर होने से पहले वे मेज पर आ जाएं।
अमेरिकी सैन्य उपस्थिति: एक नजर में
| श्रेणी | वर्तमान/प्रस्तावित संख्या | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| पहले से तैनात सैनिक | 40,000 - 50,000 | क्षेत्रीय सुरक्षा और निगरानी |
| नई तैनाती (Airborne/Marines) | ~7,000 | त्वरित प्रतिक्रिया (Rapid Response) |
| प्रस्तावित अतिरिक्त बल | 10,000 | खर्ग द्वीप जैसे रणनीतिक स्थलों की सुरक्षा/जब्ती |
| कुल संभावित उपस्थिति | ~67,000 | ईरान पर दबाव बढ़ाना |
निष्कर्ष: वॉशिंगटन की यह 'मैक्सिमम प्रेशर' नीति स्पष्ट करती है कि ट्रंप प्रशासन शांति की बात जरूर कर रहा है, लेकिन किसी भी विफलता की स्थिति में वह "वर्स्ट नाइटमेयर" (सबसे बुरा सपना) बनने के लिए सैन्य रूप से तैयार है। 6 अप्रैल की तारीख अब इस पूरे संघर्ष का भविष्य तय करेगी।