चंडीगढ़: पंजाब में सीमा पार से हो रही हथियारों की तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। डीआईजी गुरमीत सिंह चौहान ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI, पंजाब में न केवल अत्याधुनिक हथियार भेज रही है, बल्कि गैंगस्टरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य ग्रेड का समर्थन भी मिल रहा है।
पाकिस्तान आर्मी के हथियारों का कनेक्शन
डीआईजी चौहान के अनुसार, हाल ही में बरामद किए गए हथियारों की फॉरेंसिक जांच में यह सामने आया है कि इनका सीधा संबंध पाकिस्तान सेना के स्रोतों से है। ये हथियार ड्रोन के जरिए सीमा पार से भेजे जा रहे हैं, जो पंजाब की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन गए हैं।
पुलिस ने अब तक 61 ऐसे विदेशी ठिकानों की पहचान की है, जहाँ से गैंगस्टर अपना नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं। इन अपराधियों को भारत वापस लाने के लिए ओएफटीइसी (Overseas Fugitive Tracking and Extradition Cell) सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
सोशल मीडिया पर 'डिजिटल स्ट्राइक': 643 पेज ब्लॉक
गैंगस्टर कल्चर को जड़ से खत्म करने के लिए एजीटीएफ ने इंटरनेट पर बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 643 आपराधिक पेजों को ब्लॉक किया जा चुका है। पुलिस की रणनीति अब उन युवाओं पर केंद्रित है जो सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों को फॉलो करते हैं।
ट्रैकिंग और काउंसलिंग: गैंगस्टर पेज फॉलो करने वाले युवाओं की IP-UID ट्रैक की जाएगी।
अभिभावकों की भूमिका: संदिग्ध गतिविधियों वाले युवाओं के माता-पिता को शामिल कर उनकी काउंसलिंग की जाएगी।
सख्त चेतावनी: काउंसलिंग के बाद भी यदि कोई युवा अपराध की राह पर चलता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
"गैंगस्टर अब नाबालिगों को 'टूल' की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें ड्रग्स, पैसों और विदेश भेजने का झांसा देकर अपराध की दलदल में धकेला जा रहा है।" — डीआईजी गुरमीत सिंह चौहान
हेल्पलाइन नंबर 93946-93946: पुलिस का 'ब्रह्मास्त्र'
एजीटीएफ की एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन राज्य में बेहद प्रभावी साबित हो रही है। चंडीगढ़ में हुए हालिया मर्डर केस के आरोपियों का सुराग भी इसी हेल्पलाइन के जरिए मिला था।
जनवरी 2026 से अब तक का रिपोर्ट कार्ड:
कुल इनपुट: 590 सूचनाएं प्राप्त हुईं।
कार्रवाई: इनपुट के आधार पर 63 FIR दर्ज की गईं।
गिरफ्तारी: अब तक 26 खूंखार अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है।
अभिभावकों के लिए अपील
पुलिस ने अपील की है कि माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और सोशल मीडिया हिस्ट्री पर कड़ी नजर रखें ताकि उन्हें अपराधियों के जाल में फंसने से बचाया जा सके।