यमुनानगर: हरियाणा यमुनानगर में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर ₹2.5 करोड़ की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संगठित ठगी के आरोप में रमेश दत्ता समेत पाँच लोगों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
विदेशी निवेश का झांसा और फर्जी ऐप का खेल
पुलिस को दी गई शिकायत में छोटी लाइन निवासी सुखप्रीत सिंह ने बताया कि ठगी का यह खेल साल 2023 की शुरुआत में शुरू हुआ था। मुख्य आरोपी रमेश दत्ता ने खुद को क्रिप्टो ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर सुखप्रीत से संपर्क किया। आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उनकी कंपनी कनाडा, दुबई और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पंजीकृत है और कम समय में निवेश को कई गुना बढ़ा देती है।
ठगी का तरीका (Modus Operandi):
डिजिटल धोखा: आरोपियों ने सुखप्रीत का एक विशेष ऐप पर पंजीकरण कराया, जहाँ निवेश की गई राशि और उस पर मिलने वाला 'फर्जी मुनाफा' लगातार बढ़ता हुआ दिखाई देता था।
भरोसा जीतना: शुरुआत में विश्वास पैदा करने के लिए कुछ छोटे रिटर्न (मुनाफा) वापस किए गए।
नेटवर्क विस्तार: इसी भरोसे के चलते सुखप्रीत ने अपने परिचितों और दोस्तों (जैसे गोबिंदपुरी निवासी राहुल त्यागी) से भी इस योजना में बड़ी रकम निवेश करवा दी।
सेमिनार और मीटिंग्स: आरोपी विनय गुप्ता, अमित खेड़ा, हेमंत भटनागर और हरनेक सिंह लगातार सेमिनार और मीटिंग्स के जरिए निवेशकों को लुभाते रहे।
पैसे निकालने पर खुला राज: 'सिस्टम अपडेट' के नाम पर टालमटोल
जब सुखप्रीत और उनके साथियों की निवेश राशि करोड़ों में पहुँच गई और उन्होंने अपना पैसा वापस निकालना चाहा, तो आरोपियों के असली चेहरे सामने आ गए।
बहानेबाजी: आरोपियों ने कभी 'सिस्टम अपडेट' तो कभी 'प्रॉफिट लॉक' होने का हवाला देकर भुगतान रोक दिया।
अतिरिक्त वसूली: ठगों ने टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर और अधिक पैसे जमा करने का दबाव बनाया।
धमकी: जब पीड़ितों ने अपनी मूल राशि के लिए दबाव बनाया, तो आरोपियों ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ देना शुरू कर दीं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
शिकायत के आधार पर थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने रमेश दत्ता, विनय गुप्ता, अमित खेड़ा, हेमंत भटनागर और हरनेक सिंह को नामजद कर लिया है। जांच अधिकारी एसआई मनोज ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
सतर्क रहें: विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी ऐसे ऐप या स्कीम पर भरोसा न करें जो रातों-रात पैसा दोगुना करने का दावा करती हो। निवेश से पहले कंपनी की सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) के साथ वैधता की जांच अवश्य करें।