'सोनार बांग्ला' के संकल्प के साथ अमित शाह का ममता सरकार पर प्रहार: 15 वर्षों के शासन के विरुद्ध 'आरोप पत्र' जारी

कोलकाता में एक महत्वपूर्ण जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के खिलाफ एक व्यापक 'आरोप पत्र' (चार्जशीट) जारी किया।

28 Mar 2026  |  197

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजाओं में चुनावी शंखनाद के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुँच गया है। आज कोलकाता में एक महत्वपूर्ण जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के खिलाफ एक व्यापक 'आरोप पत्र' (चार्जशीट) जारी किया। शाह ने टीएमसी के 15 वर्षों के शासन को 'अराजकता, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार का काला युग' करार देते हुए बंगाल की जनता से निर्णायक बदलाव का आह्वान किया।

सत्ता परिवर्तन नहीं, 'आत्मा' बचाने का चुनाव

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव केवल मुख्यमंत्री की कुर्सी बदलने के लिए नहीं है। उन्होंने भावुक और कड़े लहजे में कहा:

"यह चुनाव बंगाल की खोई हुई गरिमा और उसकी आत्मा को बचाने का चुनाव है। यह बंगाल को भयमुक्त बनाने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर है।"

राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ पर तीखा प्रहार

अमित शाह ने बंगाल की भौगोलिक स्थिति को देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत संवेदनशील बताया। घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा:

सुरक्षा से समझौता: आज देश में घुसपैठ का केवल एक मुख्य द्वार बचा है, जिसे राज्य सरकार के संरक्षण में खुला छोड़ दिया गया है।

डेमोग्राफी में बदलाव: वोट बैंक की स्वार्थी राजनीति के कारण सीमावर्ती इलाकों की जनसांख्यिकी (Demography) के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जो देश के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है।

अनिवार्य परिवर्तन: यदि बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त करना है, तो यहाँ ऐसी सरकार चाहिए जो केंद्र के साथ मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दे।

भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा: 'चार्जशीट' के मुख्य बिंदु

भाजपा द्वारा जारी इस आरोप पत्र में ममता सरकार की घेराबंदी करने के लिए तीन मुख्य स्तंभ बनाए गए हैं:

मुद्दाभाजपा का आरोप
महिला सुरक्षाराज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और प्रशासन की निष्क्रियता।
भ्रष्टाचारसरकारी योजनाओं में धांधली और 'सिंडिकेट राज' का बोलबाला।
राजनीतिक हिंसाविपक्षी कार्यकर्ताओं का दमन और लोकतांत्रिक आवाजों को कुचलना।

विकास बनाम तुष्टीकरण

अमित शाह ने जनता से अपील की कि वे 'तुष्टीकरण की राजनीति' के जाल से बाहर निकलकर 'विकास के पथ' का चयन करें। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार आते ही बंगाल को फिर से देश का औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र बनाया जाएगा।

निष्कर्ष: गृह मंत्री के इस दौरे और 'चार्जशीट' ने बंगाल के चुनावी समीकरणों को और भी रोचक बना दिया है। अब देखना यह होगा कि ममता बनर्जी के 15 साल के 'मजबूत' किले को भेदने में भाजपा का यह प्रहार कितना कारगर साबित होता है।

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