भारतीय पर्यटन में 'लग्ज़री' का बोलबाला: 2031 तक खुलेंगे 77 नए आलीशान होटल, वैश्विक ब्रांड्स ने कसी कमर

भारत में लग्ज़री होटलों (Luxury Hotels) की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है, जिसे देखते हुए मैरियट, हिल्टन और हयात जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ-साथ ओबेरॉय और टाटा समूह की IHCL जैसी घरेलू कंपनियां भी आक्रामक विस्तार की योजना बना रही हैं।

28 Mar 2026  |  67

 

नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और नागरिकों की बढ़ती आय का सीधा असर अब देश के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर दिखने लगा है। भारत में लग्ज़री होटलों (Luxury Hotels) की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है, जिसे देखते हुए मैरियट, हिल्टन और हयात जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ-साथ ओबेरॉय और टाटा समूह की IHCL जैसी घरेलू कंपनियां भी आक्रामक विस्तार की योजना बना रही हैं।

ग्लोबल ब्रांड्स का भारत पर दांव

दुनिया भर के बड़े होटल चेन अब भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण 'ग्रोथ मार्केट' के रूप में देख रहे हैं। पिछले कुछ महीनों की हलचल इस बात का प्रमाण है:

हिल्टन (Hilton): कंपनी ने हाल ही में गोवा में अपना प्रतिष्ठित 'वाल्डोर्फ एस्टोरिया' (Waldorf Astoria) साइन किया है। जयपुर और दिल्ली के बाद यह भारत में इनका तीसरा बड़ा प्रोजेक्ट होगा।

एकॉर (Accor): यह ग्रुप जयपुर, ऋषिकेश और मुंबई में अपने 'सोफीटेल' (Sofitel) ब्रांड का विस्तार कर रहा है। साथ ही रणथंभौर में 'रैफल्स' और ताजनगरी आगरा में 'फेरमोंट' लॉन्च करने की तैयारी है।

मैरियट और हयात: ये दोनों ब्रांड भी टियर-1 और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

2031 तक बदलेगी तस्वीर: 11,000 से ज्यादा नए कमरे

हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ वर्षों में इस सेगमेंट में निवेश की बाढ़ आने वाली है:

विशाल विस्तार: साल 2031 तक भारत में 77 नए लग्ज़री होटल शुरू होने की उम्मीद है, जिससे बाजार में करीब 11,800 नए कमरों की एंट्री होगी।

सप्लाई में वृद्धि: यह नई आवक मौजूदा सप्लाई का लगभग 66% होगी, जो दर्शाता है कि निवेशक इस सेगमेंट की रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर कितने आश्वस्त हैं।

क्यों बढ़ रही है 'रॉयल स्टे' की मांग?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस मांग के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम: भारतीय मध्यम और उच्च वर्ग अब अनुभव (Experience) पर खर्च करने से पीछे नहीं हट रहा है।

हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI): देश में करोड़पतियों की संख्या में इजाफा लग्ज़री सुइट्स और विला की मांग बढ़ा रहा है।

युवा आबादी: नई पीढ़ी की प्राथमिकताएं अब सामान्य होटलों के बजाय 'अल्ट्रा-लग्ज़री' और 'यूनिक' रिसॉर्ट्स की ओर मुड़ गई हैं।

देसी दिग्गजों की मजबूत पकड़

विदेशी कंपनियों की टक्कर में भारतीय ब्रांड्स भी पीछे नहीं हैं। द लीला पैलेसेज़ (The Leela Palaces) ने हाल ही में कूर्ग में 560 करोड़ रुपये का एक अल्ट्रा-लग्ज़री रिसॉर्ट खरीदा है। वहीं द ओबेरॉय ग्रुप और IHCL (ताज) अपनी सर्विस और विरासत के दम पर नए प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में रखे हुए हैं।

लग्ज़री होटल सेगमेंट: एक नज़र में

विशेषताविवरण
नया निवेशपिछले 12 महीनों के 30% नए प्रोजेक्ट्स लग्ज़री कैटेगरी के हैं।
प्रमुख लोकेशन्सगोवा, जयपुर, ऋषिकेश, मुंबई, आगरा और रणथंभौर।
बड़ा प्रोजेक्टकूर्ग में ₹560 करोड़ का अल्ट्रा-लग्ज़री रिसॉर्ट।
भविष्य का अनुमान2031 तक वर्तमान क्षमता में 66% का इजाफा।

निष्कर्ष: भारत का लग्ज़री होटल उद्योग न केवल पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है, बल्कि यह देश की जीडीपी और रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभा रहा है। आने वाले दशक में भारत दुनिया के सबसे आकर्षक 'लग्ज़री ट्रैवल डेस्टिनेशन' के रूप में उभरने के लिए तैयार है।

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