रूस का ऐतिहासिक आर्थिक संकट: 25 साल बाद पहली बार बेचा अपना 'गोल्ड रिजर्व', भंडार 4 साल के निचले स्तर पर

बढ़ते बजट घाटे को पाटने और युद्ध के खर्चों को पूरा करने के लिए रूस ने पिछले 25 वर्षों में पहली बार अपने सुरक्षित माने जाने वाले 'स्वर्ण भंडार' (Gold Reserves) की बिक्री शुरू कर दी है

28 Mar 2026  |  77

 

मॉस्को/इंटरनेशनल डेस्क: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते सैन्य खर्च के बीच रूस की अर्थव्यवस्था एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। बढ़ते बजट घाटे को पाटने और युद्ध के खर्चों को पूरा करने के लिए रूस ने पिछले 25 वर्षों में पहली बार अपने सुरक्षित माने जाने वाले 'स्वर्ण भंडार' (Gold Reserves) की बिक्री शुरू कर दी है।

सेंट्रल बैंक ऑफ रूस के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह कदम देश की वित्तीय रणनीति में एक बड़े और चिंताजनक बदलाव का संकेत है।

सैन्य खर्च का भारी दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से जारी सैन्य संघर्ष ने रूस के सरकारी खजाने पर अभूतपूर्व दबाव डाल दिया है। विदेशी मुद्रा भंडार पर लगी अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों के बाद, अब सरकार को घरेलू खर्चों और बजट घाटे को नियंत्रित करने के लिए अपने 'सोने' का सहारा लेना पड़ रहा है।

आंकड़ों में समझें संकट की गहराई

रूस द्वारा भंडार बेचने की रफ्तार ने आर्थिक जगत को चौंका दिया है:

ऐतिहासिक गिरावट: लगातार हो रही बिक्री के कारण रूस का गोल्ड रिजर्व अब पिछले चार वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

2026 की शुरुआत में तेज़ बिकवाली: केवल जनवरी 2026 में रूस ने 3 लाख औंस सोना बेचा, जबकि फरवरी में 2 लाख औंस की अतिरिक्त बिक्री की गई।

विशाल वित्तीय निकासी: साल 2022 से 2025 के बीच रूस ने सोना और विदेशी मुद्रा मिलाकर करीब 15 ट्रिलियन रूबल ($150 अरब) की संपत्ति बेची। वहीं, 2026 के पहले दो महीनों में ही 3.5 ट्रिलियन रूबल ($35 अरब) के भंडार और कम हो गए हैं।

क्या हैं इसके आर्थिक मायने?

वित्तीय सुरक्षा कवच में सेंध: सोना किसी भी देश के लिए अंतिम समय का 'सुरक्षा कवच' माना जाता है। इसे बेचना यह दर्शाता है कि रूस के पास नकदी के अन्य विकल्प सीमित होते जा रहे हैं।

मुद्रास्फीति और रूबल पर असर: भंडार कम होने से रूसी मुद्रा 'रूबल' की स्थिरता पर भविष्य में संकट गहरा सकता है।

वैश्विक बाजार पर प्रभाव: रूस दुनिया के सबसे बड़े सोना उत्पादकों और धारकों में से एक है। उसके द्वारा बाजार में भारी मात्रा में सोना उतारने से वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में अस्थिरता आ सकती है।

रूस के रिजर्व का घटता ग्राफ (2022-2026)

समय सीमाबेची गई संपत्ति (अनुमानित)प्रमुख कारण
2022 - 202515 ट्रिलियन रूबल ($150B)युद्ध खर्च और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध।
जनवरी 20263 लाख औंस सोनाबजट घाटे की भरपाई।
फरवरी 20262 लाख औंस सोनावित्तीय तरलता बनाए रखना।

निष्कर्ष: 25 साल बाद सोने की यह बिक्री स्पष्ट करती है कि रूस की आर्थिक स्थिति अब उस मोड़ पर है जहाँ उसे अपने सबसे सुरक्षित एसेट का त्याग करना पड़ रहा है। यदि सैन्य खर्च और प्रतिबंधों का दबाव इसी तरह बना रहा, तो आने वाले महीनों में रूस को और भी कड़े वित्तीय फैसले लेने पड़ सकते हैं।

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