जेवर से पीएम मोदी का 'ईंधन मंत्र': एथेनॉल ब्लेंडिंग से बचेंगे ₹1.5 लाख करोड़, अन्नदाता अब बनेगा 'ऊर्जादाता'

प्रधानमंत्री ने 'एथेनॉल ब्लेंडिंग' (पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण) को केवल एक नीति नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और प्रदूषण मुक्त भविष्य का सबसे मजबूत आधार बताया। प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति का तुलनात्मक ब्यौरा देते हुए कहा कि एक दशक पहले भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग का स्तर महज 1% था, जो आज 20% (E20) के लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है। उन्होंने इसे एक दशक की सबसे बड़ी नीतिगत जीतों में से एक बताया।

28 Mar 2026  |  81

 

जेवर (गौतम बुद्ध नगर): नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भव्य उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नया विजन पेश किया। प्रधानमंत्री ने 'एथेनॉल ब्लेंडिंग' (पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण) को केवल एक नीति नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और प्रदूषण मुक्त भविष्य का सबसे मजबूत आधार बताया।

1% से 20% का चमत्कारी सफर

प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति का तुलनात्मक ब्यौरा देते हुए कहा कि एक दशक पहले भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग का स्तर महज 1% था, जो आज 20% (E20) के लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है। उन्होंने इसे एक दशक की सबसे बड़ी नीतिगत जीतों में से एक बताया।

विदेशी मुद्रा की महाबचत: आंकड़ों में समझें

पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को रेखांकित करते हुए चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए:

कच्चे तेल की बचत: पिछले एक साल में एथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण करीब 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के आयात की जरूरत नहीं पड़ी।

₹1.50 लाख करोड़ का सुरक्षा कवच: प्रधानमंत्री ने कहा, "अगर हमने एथेनॉल पर काम न किया होता, तो देश का डेढ़ लाख करोड़ रुपया विदेशों में चला जाता। आज यह पैसा देश के भीतर बच रहा है और विकास कार्यों में लग रहा है।"

किसान की आय में ऐतिहासिक उछाल

जेवर के मंच से पीएम मोदी ने किसानों को 'ऊर्जा क्षेत्र का नया सारथी' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल के बढ़ते उपयोग का सबसे सीधा लाभ गन्ना किसानों और अनाज उत्पादकों को मिल रहा है:

बढ़ी हुई मांग: चीनी मिलों और एथेनॉल प्लांट के जरिए किसानों को उनकी फसल का बेहतर और समय पर दाम मिल रहा है।

ग्रामीण सशक्तिकरण: इससे खेती अब केवल भोजन तक सीमित नहीं, बल्कि देश की गाड़ियाँ चलाने का ईंधन भी पैदा कर रही है।

ग्रीन फ्यूल: पर्यावरण और भविष्य की सुरक्षा

एथेनॉल को 'सुरक्षित ऊर्जा' करार देते हुए प्रधानमंत्री ने इसके पर्यावरणीय लाभों पर जोर दिया:

कार्बन उत्सर्जन में कमी: यह जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) पर निर्भरता घटाकर प्रदूषण कम करने में सहायक है।

सतत विकास: जेवर एयरपोर्ट जैसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रीन फ्यूल का तालमेल भारत को एक 'क्लीन और ग्रीन' ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करेगा।

एथेनॉल क्रांति: मुख्य उपलब्धियां

मानकस्थिति (10 साल पहले)वर्तमान स्थिति (2026)
ब्लेंडिंग प्रतिशतमात्र 1%20% (E20) के करीब
विदेशी मुद्रा बचतनगण्य₹1.50 लाख करोड़ (अनुमानित)
कच्चा तेल आयात बचतशून्य4.5 करोड़ बैरल सालाना
मुख्य लाभार्थीविदेशी तेल कंपनियांभारतीय किसान और चीनी मिलें

निष्कर्ष: जेवर एयरपोर्ट के मंच से प्रधानमंत्री का यह संदेश साफ है—भारत अब केवल विदेशी तकनीक या ईंधन का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि अपने खेतों से पैदा होने वाले 'ग्रीन गोल्ड' (एथेनॉल) के दम पर दुनिया को ऊर्जा का नया रास्ता दिखाएगा।

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