काठमांडू। नेपाल की राजनीति में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (UML) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह (बालेन शाह) के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद हुई है। ओली के साथ पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है।
क्या है गिरफ्तारी का कारण?
ओली की गिरफ्तारी का मुख्य कारण सितंबर 2025 में हुए 'जेन-जी' (Gen-Z) भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा है।
गंभीर आरोप: ओली प्रशासन पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा कार्रवाई की और हिंसा रोकने में लापरवाही बरती।
जांच रिपोर्ट: तत्कालीन चीफ जस्टिस सुशीला कार्की के नेतृत्व वाले पैनल की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के पहले ही दिन 19 युवाओं की मौत हुई थी। कुल मिलाकर इस हिंसा में 76 लोग मारे गए और 2500 से अधिक घायल हुए थे।
पैनल की सिफारिश: रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही गोली चलाने का सीधा आदेश साबित न हुआ हो, लेकिन कार्यकारी प्रमुख होने के नाते ओली फायरिंग रोकने में विफल रहे, इसलिए उन पर मुकदमा चलना चाहिए।
शतरंज के शौकीन से 'झापा विद्रोह' के नायक तक: ओली का सफर
74 वर्षीय के.पी. शर्मा ओली का जीवन संघर्षों और विवादों से भरा रहा है:
बचपन: 1952 में जन्मे ओली बचपन में 'ध्रुव' के नाम से जाने जाते थे। मात्र 4 साल की उम्र में मां के निधन के बाद उनका पालन-पोषण चुनौतीपूर्ण रहा।
राजनीतिक शुरुआत: 1966 में मार्क्स-लेनिन के विचारों से प्रेरित होकर वे राजनीति में आए और 1967 के 'झापा विद्रोह' (किसान आंदोलन) में सक्रिय रहे।
जेल यात्रा: पंचायत शासन के दौरान उन्होंने 14 साल जेल में बिताए (1973-1987)। उनके करीबियों का मानना है कि इसी दौर ने उन्हें बेहद आत्मविश्वासी और एकांतप्रिय बनाया।
PM का कार्यकाल: ओली चार बार नेपाल के प्रधानमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में चीन से बढ़ती नजदीकियों और भारत के साथ बदलते रिश्तों ने वैश्विक ध्यान खींचा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: न्याय या बदला?
गिरफ्तारी के बाद ओली ने इसे 'दुर्भावनापूर्ण' और बदले की राजनीति करार दिया है। उन्होंने कहा, "मैं इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ूंगा।" उनके वकील ने भी इस हिरासत को अवैध बताया है।
दूसरी ओर, नई सरकार के गृहमंत्री सूदन गुरुंग ने इस कदम का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा:
"कानून से ऊपर कोई नहीं है। यह किसी से बदला नहीं, बल्कि उन 76 परिवारों के लिए न्याय की शुरुआत है जिन्होंने अपनों को खोया है।"
आगे की राह: क्या जेल जाएंगे ओली?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोर्ट में दोष साबित होता है, तो ओली और रमेश लेखक को 10 साल तक की जेल हो सकती है। फिलहाल उन्हें रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मानना है कि औपचारिक चार्जशीट दाखिल होने से पहले पुलिस को अभी लंबी आपराधिक जांच की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
मुख्य सांख्यिकी: 'जेन-जी' विद्रोह का असर
कुल मौतें: 76
घायल: 2500+
गिरफ्तार नेता: 02 (ओली और रमेश लेखक)
संभावित सजा: 10 साल तक कारावास