अलविदा 'द कम्प्लीट मैन': दिग्गज उद्योगपति विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की आयु में निधन, टेक्सटाइल जगत में शोक की लहर

भारत के प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने 'रेमंड ग्रुप' (Raymond Group) को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। विजयपत सिंघानिया केवल बिजनेस तक सीमित नहीं थे। उन्हें साहसिक कारनामों और एविएशन का बेहद शौक था। वे एक कुशल पायलट थे और उनके नाम कई विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज हैं

29 Mar 2026  |  168

 

मुंबई | समाचार डेस्क: भारत के प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने 'रेमंड ग्रुप' (Raymond Group) को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके पुत्र गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस दुखद समाचार की पुष्टि की। दिग्गज उद्योगपति का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में किया जाएगा।

सेना की वर्दी से ग्लोबल ब्रांड तक का सफर

विजयपत सिंघानिया ने 1980 में रेमंड की कमान संभाली और एक साधारण टेक्सटाइल मिल को आधुनिक औद्योगिक साम्राज्य में बदल दिया। रेमंड की शुरुआत 1925 में हुई थी, जहाँ मुख्य रूप से भारतीय सेना के लिए ऊनी वर्दियां तैयार की जाती थीं। विजयपत के दूरदर्शी नेतृत्व में कंपनी ने:

प्रीमियम सूटिंग: भारतीय मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग के लिए प्रीमियम कपड़ों की श्रेणी पेश की।

रिटेल क्रांति: देश के 600 शहरों में 1500 से ज्यादा शोरूम का जाल बिछाया।

ब्रांडिंग: 'The Complete Man' जैसे विज्ञापनों के जरिए रेमंड को भरोसे का प्रतीक बनाया।

बहुआयामी व्यक्तित्व: उद्योगपति और रिकॉर्डधारी पायलट

विजयपत सिंघानिया केवल बिजनेस तक सीमित नहीं थे। उन्हें साहसिक कारनामों और एविएशन का बेहद शौक था। वे एक कुशल पायलट थे और उनके नाम कई विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। उनके नेतृत्व में रेमंड ने टेक्सटाइल के अलावा रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग और FMCG जैसे क्षेत्रों में भी अपने कदम जमाए।

चुनौतियां और पारिवारिक विवाद

सफलता के ऊंचे शिखर छूने के साथ-साथ, विजयपत सिंघानिया का जीवन पिछले कुछ वर्षों में अपने बेटे गौतम सिंघानिया के साथ संपत्ति विवाद को लेकर भी चर्चा में रहा। हालांकि, इन पारिवारिक मतभेदों के बावजूद, उन्होंने जिस व्यावसायिक नींव को रखा था, वह आज भी हजारों करोड़ रुपये के साम्राज्य के रूप में मजबूती से खड़ी है।

एक नजर में रेमंड का साम्राज्य:

उपस्थिति: भारत का सबसे बड़ा वर्स्टेड फैब्रिक निर्माता।

विविधता: 20,000 से अधिक रंग और डिजाइन।

वर्कफोर्स: लगभग 6,500 समर्पित कर्मचारी।

ग्लोबल रीच: दुनिया के कई देशों में फैब्रिक का निर्यात।

विजयपत सिंघानिया का जाना भारतीय उद्योग जगत के एक सुनहरे अध्याय का अंत है। उन्होंने सिखाया कि कैसे एक पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिकता के सांचे में ढालकर उसे विश्वस्तरीय बनाया जा सकता है।

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