'मन की बात' में बोले पीएम मोदी: वैश्विक युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच एकजुट रहे भारत, अफवाहों से बचें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 132वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया के जिन क्षेत्रों में वर्तमान में युद्ध चल रहा है, वे भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं के प्रमुख केंद्र हैं।

29 Mar 2026  |  67

 

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 132वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। मार्च महीने की वैश्विक हलचलों का जिक्र करते हुए पीएम ने ऊर्जा संकट, खेल जगत की उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात रखी।

1. वैश्विक संघर्ष और ऊर्जा चुनौती

प्रधानमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया के जिन क्षेत्रों में वर्तमान में युद्ध चल रहा है, वे भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं के प्रमुख केंद्र हैं।

पेट्रोल-डीजल संकट: युद्ध के कारण दुनिया भर में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

राजनीति न करने की अपील: पीएम ने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों के हित का सवाल है, इस पर राजनीति या अफवाह फैलाना देश का नुकसान करना है।

जागरूकता: उन्होंने नागरिकों से केवल सरकारी जानकारी पर भरोसा करने और एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करने का आग्रह किया।

2. भारतीय खेल जगत का 'स्वर्णिम मार्च'

पीएम मोदी ने मार्च महीने को खेल प्रेमियों के लिए बेहद उत्साहजनक बताया:

T20 विश्व कप: भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर गर्व व्यक्त किया।

रणजी ट्रॉफी: जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम द्वारा 7 दशकों बाद अपना पहला रणजी खिताब जीतने की सराहना की।

गुलवीर सिंह का रिकॉर्ड: न्यूयॉर्क सिटी हाफ मैराथन में तीसरा स्थान पाने वाले गुलवीर सिंह को बधाई दी, जो एक घंटे से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय बने।

3. 'ज्ञान भारतम': पांडुलिपियों का डिजिटल संरक्षण

सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए पीएम ने 'ज्ञान भारतम ऐप' की चर्चा की। उन्होंने बताया कि अब तक हजारों बहुमूल्य पांडुलिपियाँ साझा की गई हैं:

अरुणाचल प्रदेश से ताई लिपि और अमृतसर से गुरुमुखी लिपि की पांडुलिपियाँ प्राप्त हुई हैं।

लद्दाख की हामिस मोनेस्ट्री और राजस्थान के अभय जैन ग्रंथालय ने भी दुर्लभ जानकारी साझा की है। यह सर्वे जून के मध्य तक जारी रहेगा।

4. स्वास्थ्य मंत्र: 'चीनी कम, तेल कम'

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के 100 दिनों के काउंटडाउन का जिक्र करते हुए पीएम ने फिटनेस पर जोर दिया:

आहार में बदलाव: उन्होंने देशवासियों से चीनी का सेवन कम करने और खाने के तेल में 10% की कटौती करने का आग्रह किया।

वैश्विक योग: अफ्रीका के जिबूती में योग सिखा रहे 'अरविंद योग सेंटर' के प्रयासों की सराहना की।

5. जल संरक्षण और युवा शक्ति

अमृत सरोवर: देश भर में अब तक 70,000 अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं।

MY Bharat: 'बजट क्वेस्ट' जैसे कार्यक्रमों के जरिए 12 लाख से अधिक युवाओं को राष्ट्र निर्माण और नीति निर्माण से जोड़ा गया है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री का संबोधन चुनौतियों के बीच 'आत्मनिर्भर' और 'एकजुट' भारत के संकल्प को दोहराता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे वह जल संकट हो या वैश्विक ऊर्जा संकट, सामुदायिक प्रयास और सही जानकारी ही जीत का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

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