नई दिल्ली/तेहरान मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुँच गया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वॉशिंगटन दुनिया के सामने तो बातचीत का ढोंग कर रहा है, लेकिन पर्दे के पीछे वह ईरान पर जमीनी हमले की गुप्त योजना बना रहा है। गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि ईरान की सेना किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान की चेतावनी: 'क्षेत्रीय सहयोगियों को भुगतनी होगी सजा'
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, गालिबाफ ने वाशिंगटन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने कोई भी आक्रामक कदम उठाया, तो इसका खामियाजा न केवल उसे, बल्कि क्षेत्र में मौजूद उसके सहयोगियों को भी भुगतना होगा। उन्होंने कहा:
"हमारी सेना दुश्मन के किसी भी जमीनी हमले का सामना करने के लिए मुस्तैद है। हम केवल रक्षा नहीं करेंगे, बल्कि हमारे जवाबी हमले इतने भीषण होंगे कि हमलावरों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।"
खाड़ी देशों के औद्योगिक केंद्रों पर बड़ा हमला
तनाव की यह आग अब खाड़ी क्षेत्र के आर्थिक हितों तक फैल चुकी है। शनिवार को ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन के प्रमुख औद्योगिक स्थलों को दहला दिया है:
Alba (बहरीन): एल्युमीनियम बहरीन ने पुष्टि की है कि ईरान के हमले में उनके दो कर्मचारी घायल हुए हैं। कंपनी वर्तमान में फैक्ट्री को हुए नुकसान का आकलन कर रही है।
Emirates Global Aluminium (UAE): यूएई के इस बड़े उत्पादक ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण अपनी साइट पर 'काफी नुकसान' होने की रिपोर्ट दी है।
ईरान ने क्यों साधा आर्थिक ठिकानों को निशाना?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए इसे 'प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई' बताया है। ईरान का दावा है कि:
ये हमले ईरानी औद्योगिक स्थलों पर हुए पिछले हमलों का जवाब हैं।
ईरान का आरोप है कि निशाना बनाई गई इन खाड़ी कंपनियों के अमेरिकी सेना और एयरोस्पेस क्षेत्र के साथ गहरे संबंध हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर संकट
वर्तमान संघर्ष के कारण विश्व व्यापार की जीवन रेखा माना जाने वाला 'होर्मुज जलडमरूमध्य' प्रभावी रूप से बंद होने की कगार पर है। इसके परिणामस्वरूप खाड़ी देशों के एल्युमीनियम उत्पादकों को शिपिंग में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।