जॉर्जिया (अमेरिका)/हरियाणा: अमेरिका के जॉर्जिया राज्य से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ हरियाणा के समौरा गांव के निवासी 24 वर्षीय चेतक शर्मा उर्फ लाखा की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। परिवार का आरोप है कि चेतक के सिर में गोली मारी गई है। चेतक की पहचान वहां पहुंचने वाले उन प्रवासियों के मददगार के रूप में थी, जो कठिन रास्तों से अमेरिका की धरती पर कदम रखते थे।
मददगार हाथ जो अब खामोश हो गए
चेतक शर्मा खुद साल 2023 में लगभग 60 लाख रुपये खर्च कर और 8 महीने की बेहद कठिन 'डंकी रूट' (अवैध प्रवासी मार्ग) की यात्रा पार कर अमेरिका पहुंचे थे। अपनी यात्रा के दौरान झेली गई कठिनाइयों के कारण उनके मन में अन्य प्रवासियों के लिए गहरी सहानुभूति थी:
आर्थिक सहायता: वह भारत से आने वाले उन युवकों की आर्थिक मदद करते थे जो वहां फंस जाते थे।
रोजगार में मदद: स्टोर में नौकरी मिलने के बाद, चेतक नए आने वाले भारतीयों को काम दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
संवेदनशील स्वभाव: वह खुद शुरुआती संघर्षों से गुजरे थे, इसलिए किसी को भूखा या बेरोजगार नहीं देख सकते थे।
26 मार्च को हुई थी आखिरी बात
चेतक के पिता सुनील शर्मा, जो पेशे से किसान हैं, ने बताया कि 26 मार्च को घर पर पूजा के दौरान चेतक से वीडियो कॉल पर आखिरी बार बात हुई थी। चेतक ने दूर रहकर भी ऑनलाइन पूजा में हिस्सा लिया था। लेकिन महज कुछ घंटों बाद, 27 मार्च की सुबह 3 बजे अमेरिका से उनके रूममेट ने फोन कर चेतक की हत्या की सूचना दी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जांच और कानूनी औपचारिकताएं
चेतक जॉर्जिया के जिस स्टोर में काम करते थे, उसके संचालक गुजरात मूल के एक व्यापारी हैं। वही वर्तमान में अमेरिकी पुलिस के साथ कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर रहे हैं।
पुलिस जांच: स्थानीय पुलिस चेतक के रूममेट और स्टोर कर्मियों से पूछताछ कर रही है, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
हत्या का कारण: परिजनों का दावा है कि यह एक सोची-समझी हत्या है क्योंकि उन्हें सिर में गोली मारी गई है।
शव को भारत लाने की गुहार
चेतक अपने पीछे एक छोटा भाई और बड़ी बहन छोड़ गए हैं। शोक संतप्त परिवार ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से भावुक अपील की है कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए ताकि वे अपने लाडले का अंतिम संस्कार अपनी माटी में कर सकें।