ऊर्जा सुरक्षा: युद्ध के साये के बीच सुरक्षित निकले दो और भारतीय एलपीजी टैंकर, देश को मिलेगी 'एक दिन' की राहत

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए गतिरोध के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय ध्वज वाले दो विशाल एलपीजी टैंकर, BW TYR और BW ELM, युद्ध-प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं और अब भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं।

29 Mar 2026  |  67

 

नई दिल्ली/मुंबई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए गतिरोध के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय ध्वज वाले दो विशाल एलपीजी टैंकर, BW TYR और BW ELM, युद्ध-प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं और अब भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं।

94,000 टन रसोई गैस की खेप: कब और कहाँ पहुँचेंगे जहाज?

ये दोनों जहाज कुल मिलाकर लगभग 94,000 टन एलपीजी (रसोई गैस) लेकर आ रहे हैं, जो भारत की पूरे एक दिन की घरेलू खपत के बराबर है।

BW TYR: यह टैंकर मुंबई बंदरगाह की ओर अग्रसर है और इसके 31 मार्च 2026 तक पहुँचने की संभावना है।

BW ELM: यह जहाज न्यू मंगलौर बंदरगाह के लिए रवाना हुआ है, जिसके 1 अप्रैल 2026 तक पहुँचने की उम्मीद है।

आयात पर निर्भरता और रणनीतिक सफलता

भारत अपनी रसोई गैस की कुल जरूरतों का लगभग 60% आयात करता है, जिसमें से 90% हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते में आए व्यवधान के बावजूद भारत की यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है:

राजनयिक समन्वय: ईरान के इस बयान के बाद कि "गैर-शत्रु देशों" के जहाज समन्वय के साथ निकल सकते हैं, भारत ने सफलतापूर्वक अपने जहाजों का मार्ग प्रशस्त किया।

सक्रिय निगरानी: पोत परिवहन महानिदेशालय (DGS) का नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है, जिसने अब तक हजारों कॉल और ईमेल के जरिए जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

विकल्पों की खोज: जलडमरूमध्य में तनाव को देखते हुए भारत ने अमेरिका और अर्जेंटीना जैसे देशों से भी एलपीजी प्राप्त करना शुरू कर दिया है।

वर्तमान स्थिति: अभी भी कई जहाज कतार में

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, संकट शुरू होने के समय इस क्षेत्र में 28 भारतीय जहाज थे। वर्तमान में:

18 भारतीय जहाज और 485 नाविक अभी भी पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं।

जग विक्रम, ग्रीन आशी और ग्रीन सान्वी जैसे एलपीजी जहाज अभी भी होर्मुज क्षेत्र में हैं, जिनकी सुरक्षा पर सरकार की पैनी नजर है।

इन्फोग्राफिक डेटा पॉइंट्स (त्वरित विश्लेषण):

पैरामीटरविवरण
कुल कार्गो (ताजा खेप)94,000 टन (BW TYR + BW ELM)
भारत की आयात निर्भरताकुल खपत का 60%
हालिया सफलतापिछले कुछ दिनों में 8 जहाज सुरक्षित निकले
अगला पड़ावमुंबई (31 मार्च) और न्यू मंगलौर (1 अप्रैल)

अन्य खबरें