रियाद/तेहरान। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के दूसरे महीने में प्रवेश करते ही ईरान ने एक बड़ा रणनीतिक प्रहार किया है। ईरानी सेना ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोनों की झड़ी लगा दी। इस हमले में अमेरिकी वायुसेना की 'आँख' कहे जाने वाले अत्याधुनिक E-3 सेंट्री AWACS विमान के नष्ट होने की खबर है, जिसे पेंटागन के लिए एक बड़ा सैन्य झटका माना जा रहा है।
हमले का पैमाना: मिसाइलों और ड्रोनों का तांडव
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस ऑपरेशन में अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए भारी गोलाबारी की:
हमले की तीव्रता: 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 आत्मघाती ड्रोनों का इस्तेमाल।
नुकसान का विवरण: ईरानी मीडिया 'प्रेस टीवी' द्वारा जारी तस्वीरों में AWACS विमान का मुख्य हिस्सा पूरी तरह मलबे में तब्दील नजर आ रहा है। इसके अलावा, ईंधन भरने वाले KC-135 टैंकर विमानों को भी गंभीर क्षति पहुँची है।
हताहत: अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से दो की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
क्यों महत्वपूर्ण है E-3 AWACS का नुकसान?
E-3 सेंट्री AWACS केवल एक विमान नहीं, बल्कि हवा में तैरता हुआ एक कमांड और कंट्रोल सेंटर है। यह दुश्मन के विमानों, मिसाइलों और ड्रोनों की निगरानी करने वाला सबसे आधुनिक प्लेटफॉर्म है। सीमित संख्या में उपलब्ध इन विमानों का नष्ट होना इस क्षेत्र में अमेरिकी वायु रक्षा और निगरानी क्षमता को कमजोर कर सकता है।
बदले की आग: 'बिना उकसावे के युद्ध' का जवाब
ईरान ने इस हमले को उन इजराइली हमलों का जवाब बताया है, जिनमें सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी जैसे शीर्ष नेतृत्व की जान गई थी।
अन्य दावे: ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने और एक F-16 जेट को निशाना बनाने का भी दावा किया है।
इजरायल पर प्रहार: ईरानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने हाइफा में इजराइली इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सेंटर और बेन गुरियन एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज पर भी सफल हमले किए हैं।
आम जनता पर गहराता संकट
युद्ध की आग अब सैन्य ठिकानों से निकलकर नागरिक बुनियादी ढांचे तक पहुँच गई है:
ईरान में तबाही: बूशहर प्रांत में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत और खुजिस्तान में जलापूर्ति ठप होने की खबर है।
तेहरान में धमाके: रविवार सुबह तेहरान में हुए विस्फोटों में दो नागरिकों की मौत हो गई।
युद्ध डायरी: महत्वपूर्ण घटनाक्रम (फरवरी-मार्च 2026)
| तिथि | घटना | प्रभाव |
|---|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | युद्ध की शुरुआत | अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान |
| मार्च 2026 (शुरुआत) | शीर्ष नेतृत्व की मौत | खामेनेई और लारीजानी का निधन |
| 28-29 मार्च 2026 | प्रिंस सुल्तान बेस पर हमला | AWACS विमान और KC-135 टैंकर क्षतिग्रस्त |
विशेषज्ञों की राय: प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुआ यह हमला क्षेत्रीय तनाव को एक ऐसे बिंदु पर ले आया है जहाँ से वापसी की राह कठिन नजर आती है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।