ट्रंप का 'ऑपरेशन ईरान': परमाणु सामग्री जब्त करने के लिए जमीनी हमले की तैयारी, छिड़ सकता है भीषण युद्ध

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के भीतर एक उच्च-जोखिम वाले 'ग्राउंड ऑपरेशन' पर विचार कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के कब्जे से लगभग 400 किलोग्राम (970 पाउंड) संवर्धित यूरेनियम को बलपूर्वक बाहर निकालना है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने सलाहकारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तेहरान पर इस सामग्री को सौंपने का दबाव बनाया जाए। ट्रंप का मानना है कि इस यूरेनियम का उपयोग ईरान संभावित रूप से परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकता है।

30 Mar 2026  |  58

 

वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में अब तक का सबसे कठोर रुख अख्तियार किया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के भीतर एक उच्च-जोखिम वाले 'ग्राउंड ऑपरेशन' पर विचार कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के कब्जे से लगभग 400 किलोग्राम (970 पाउंड) संवर्धित यूरेनियम को बलपूर्वक बाहर निकालना है।

मिशन का मुख्य उद्देश्य: 'परमाणु मुक्त ईरान'

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने सलाहकारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तेहरान पर इस सामग्री को सौंपने का दबाव बनाया जाए। ट्रंप का मानना है कि इस यूरेनियम का उपयोग ईरान संभावित रूप से परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकता है। राष्ट्रपति ने सहयोगियों को संकेत दिया है कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो अमेरिका 'ताकत के इस्तेमाल' से पीछे नहीं हटेगा।

जोखिम भरा है 'यूरेनियम सीज़र' प्लान

परमाणु विशेषज्ञों और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इस योजना को 'अत्यधिक जटिल और खतरनाक' करार दिया है। इसके पीछे कई बड़ी चुनौतियाँ हैं:

सैनिकों की बड़ी तैनाती: विशेषज्ञों का मानना है कि बिना बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को ईरान की धरती पर उतारे इस मिशन को अंजाम देना असंभव है।

मिसाइल और ड्रोन का खतरा: अमेरिकी टीमों को ईरान के सुरक्षित ठिकानों में घुसते समय सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का सामना करना पड़ सकता है।

तकनीकी जटिलता: यूरेनियम को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष इंजीनियरों और 'बूबी ट्रैप्स' (बारूदी जाल) को निष्क्रिय करने वाली टीमों की आवश्यकता होगी।

"समझौता करो, वरना देश नहीं बचेगा"

रविवार रात ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को अमेरिका की शर्तें माननी होंगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "वे हमें सिर्फ न्यूक्लियर धूल ही देंगे।" ट्रंप ने साफ किया कि वे अपने उस वादे को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं जिसमें उन्होंने ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने की बात कही थी।

मध्यस्थता की कोशिशें जारी

तनाव के बीच एक राहत भरी खबर यह है कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के जरिए पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। ट्रंप ने खुद स्वीकार किया कि पाकिस्तान के दूतों के जरिए हो रही अप्रत्यक्ष चर्चा में प्रगति हुई है और जल्द ही किसी समझौते की उम्मीद की जा सकती है।

विशेषज्ञों की राय: यदि अमेरिका जमीनी कार्रवाई करता है, तो यह युद्ध 4-6 सप्ताह की अनुमानित समय-सीमा से कहीं ज्यादा लंबा खिंच सकता है और पूरे मध्य पूर्व (Middle East) को अपनी चपेट में ले सकता है।

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