कॉर्पोरेट मुनाफे की जंग: रिलायंस और टाटा को पछाड़ SBI बना देश की सबसे 'प्रॉफिटेबल' कंपनी

भारत के कॉर्पोरेट जगत में मुनाफे की रैंकिंग को लेकर एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) के आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए भारत की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है।

30 Mar 2026  |  52

 

नई दिल्ली। भारत के कॉर्पोरेट जगत में मुनाफे की रैंकिंग को लेकर एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) के आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए भारत की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है।

SBI का ऐतिहासिक प्रदर्शन

आमतौर पर निवेशकों के बीच रिलायंस या एचडीएफसी बैंक के मुनाफे की चर्चा सबसे अधिक होती है, लेकिन इस बार सरकारी बैंक SBI ने बाजी मारी है।

शुद्ध लाभ (Net Profit): वित्त वर्ष 2025 में SBI का कर-पश्चात लाभ (PAT) 77,561.33 करोड़ रुपये रहा।

प्रमुख कारण: जमा राशि में वृद्धि, ऋण वितरण में तेजी और एनपीए (NPA) में भारी कमी ने बैंक की बैलेंस शीट को बेहद मजबूत बनाया है।

दिग्गज कंपनियों की मुनाफे की दौड़

देश की सबसे बड़ी कंपनियों के बीच लाभ कमाने की यह प्रतिस्पर्धा काफी दिलचस्प है। यहाँ शीर्ष कंपनियों की स्थिति दी गई है:

कंपनी का नामसेक्टरमुख्य पहचान
भारतीय स्टेट बैंक (SBI)बैंकिंगभारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक (मुनाफे में प्रथम)।
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL)ऊर्जा/रिटेल/जियोमार्केट कैप के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी कंपनी।
HDFC बैंकबैंकिंगभारत का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का बैंक।
TCS (टाटा कंसल्टेंसी)आईटीभारत की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी।
LIC (एलआईसी)बीमादेश की सबसे बड़ी बीमा और निवेश कंपनी।
ICICI बैंकबैंकिंगनिजी बैंकिंग क्षेत्र का एक और दिग्गज खिलाड़ी।

बाजार की बदलती तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में आई यह तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। जहाँ रिलायंस तेल, गैस और टेलीकॉम के जरिए अपना दबदबा बनाए हुए है, वहीं TCS वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद आईटी सेक्टर का नेतृत्व कर रही है। हालांकि, SBI द्वारा इन निजी दिग्गजों को पीछे छोड़ना सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

निष्कर्ष

एसबीआई की यह सफलता दर्शाती है कि सही रणनीतिक बदलाव और डिजिटल बैंकिंग (जैसे YONO) को अपनाकर एक सरकारी संस्थान भी वैश्विक स्तर के निजी प्रतिस्पर्धियों को कड़ी टक्कर दे सकता है। वर्तमान में SBI न केवल आकार में, बल्कि कार्यकुशलता और मुनाफे में भी देश का 'असली किंग' बनकर उभरा है।

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