ईरान के इस्फहान में भीषण धमाके: राष्ट्रपति ट्रंप ने साझा किया वीडियो, अमेरिका-इजरायल के संयुक्त 'बंकर बस्टर' हमले का दावा

मध्य-पूर्व के आसमान में एक बार फिर युद्ध की लपटें दिखाई दे रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के इस्फहान शहर में हुए सिलसिलेवार और भीषण धमाकों का एक वीडियो साझा किया है, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है।

31 Mar 2026  |  56

 

वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य-पूर्व के आसमान में एक बार फिर युद्ध की लपटें दिखाई दे रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के इस्फहान शहर में हुए सिलसिलेवार और भीषण धमाकों का एक वीडियो साझा किया है, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। यह फुटेज मंगलवार तड़के हुई उस सैन्य कार्रवाई का बताया जा रहा है, जिसमें अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के एक विशाल गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया।

आसमान में उठी आग की लपटें

साझा किए गए वीडियो में धमाकों की एक भयावह श्रृंखला देखी जा सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, धमाके इतने जोरदार थे कि कुछ ही क्षणों में इस्फहान का आसमान नारंगी रंग की आग और धुएं के गुबार से भर गया। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस वीडियो के साथ कोई आधिकारिक टिप्पणी या संदर्भ जारी नहीं किया है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि यह अमेरिका और इजरायल का एक सुनियोजित संयुक्त हमला था।

'बंकर बस्टर' बमों से दहला बदर एयरबेस के पास का इलाका

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से इस हमले की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार:

हथियार: इस ऑपरेशन में 2,000 पाउंड (लगभग 907 किलोग्राम) वजन वाले शक्तिशाली 'बंकर बस्टर' (पेनेट्रेटर) बमों का उपयोग किया गया।

प्रभाव: इन बमों को विशेष रूप से जमीन के गहरे भीतर बने ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। हमले के बाद उत्पन्न 'शॉकवेव्स' और आग के गोलों ने पूरे इलाके को दहला दिया।

स्थान: यह हमला 23 लाख की आबादी वाले शहर इस्फहान में हुआ, जहाँ ईरान का सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बदर मिलिट्री एयरबेस स्थित है।

परमाणु चिंताएं और 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' का विस्तार

इस्फहान को निशाना बनाए जाने के पीछे ईरान की परमाणु गतिविधियां मुख्य कारण मानी जा रही हैं। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार:

यूरेनियम स्थानांतरण: ऐसी आशंका है कि ईरान ने लगभग 540 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को इस्फहान की एक भूमिगत सुरक्षित सुविधा में स्थानांतरित किया था।

पुराना इतिहास: पिछले वर्ष भी अमेरिका ने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के तहत यहाँ की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया था। ताजा हमला इसी रणनीति का अगला चरण माना जा रहा है।

"इस हमले के लिए बड़ी संख्या में पेनेट्रेटर गोला-बारूद का इस्तेमाल किया गया ताकि भूमिगत डिपो को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।" - अमेरिकी अधिकारी (WSJ रिपोर्ट के अनुसार)

वर्तमान में ईरान की ओर से इस हमले पर किसी बड़ी जवाबी कार्रवाई या आधिकारिक क्षति के आकलन का इंतजार है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा वीडियो साझा किए जाने को तेहरान के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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