नई दिल्ली/गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव 2026 की रणभेरी बज चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को अपना चुनावी घोषणापत्र (संकल्प पत्र) जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में विकास और सांस्कृतिक पहचान के मिश्रण वाले 31 बड़े वादों की झड़ी लगा दी है।
इस घोषणापत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) और 'अरुणोदय' योजना के विस्तार को सबसे प्रमुख हथियार के रूप में पेश किया गया है।
1. समान नागरिक संहिता और 'लव जिहाद' पर कड़ा रुख
उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर भाजपा ने असम में भी UCC लागू करने का संकल्प लिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि:
संविधान की छठी अनुसूची के तहत आने वाले क्षेत्रों को इससे बाहर रखा जाएगा।
यह कानून आदिवासी समुदायों (ST) पर लागू नहीं होगा।
इसके साथ ही, राज्य में 'लव जिहाद' के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
2. 'नारी शक्ति' पर केंद्रित बड़ी घोषणाएं
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भाजपा ने 'खजाना' खोल दिया है:
अरुणोदय योजना: महिलाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता को ₹1,250 से बढ़ाकर सीधे ₹3,000 करने का वादा।
लखपति दीदी: राज्य की 40 लाख महिलाओं को 'लखपति' बनाने के लक्ष्य के साथ प्रत्येक को ₹25,000 की सहायता दी जाएगी।
3. विकास और रोजगार का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने असम को देश का "सबसे चमकीला और आत्मनिर्भर" राज्य बनाने का विजन साझा किया:
युवा शक्ति: अगले पांच वर्षों में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का आश्वासन।
बुनियादी ढांचा: 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज, एक यूनिवर्सिटी और एक इंजीनियरिंग कॉलेज' का लक्ष्य।
बाढ़ मुक्ति: असम की सबसे बड़ी समस्या 'बाढ़' से निपटने के लिए पहले दो वर्षों में ₹18,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश।
"हम असम को एक निर्भर राज्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाला राज्य बनाना चाहते हैं। हमारा संकल्प सुरक्षित और विकसित असम का है।" — हिमंत बिस्वा सरमा, मुख्यमंत्री
चुनाव कार्यक्रम पर एक नजर
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर सत्ताधारी NDA गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के बीच सीधा मुकाबला है।
मतदान: 9 अप्रैल (एक ही चरण में)
परिणाम: 4 मई
घोषणापत्र जारी होने के दौरान केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, सर्बानंद सोनोवाल और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया भी मौजूद रहे। भाजपा के इन "31 संकल्पों" ने राज्य की सियासी गर्मी को और बढ़ा दिया है।