IPL 2026: जर्सी बदली पर दिल नहीं! जडेजा ने बीच मैदान पर 'पुराने प्यार' को किया KISS, नम आंखों ने जीता फैंस का दिल

ल के मैदान पर अक्सर प्रतिद्वंद्विता की कहानियां लिखी जाती हैं, लेकिन आईपीएल 2026 के राजस्थान रॉयल्स (RR) बनाम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) मुकाबले में एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल पसीज दिया। दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, जो इस सीजन 'हल्ला बोल' ब्रिगेड का हिस्सा हैं, अपनी पुरानी टीम CSK के प्रति अपना प्रेम और भावुकता छिपा नहीं सके।

31 Mar 2026  |  50

 

जयपुर/चेन्नई: खेल के मैदान पर अक्सर प्रतिद्वंद्विता की कहानियां लिखी जाती हैं, लेकिन आईपीएल 2026 के राजस्थान रॉयल्स (RR) बनाम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) मुकाबले में एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल पसीज दिया। दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, जो इस सीजन 'हल्ला बोल' ब्रिगेड का हिस्सा हैं, अपनी पुरानी टीम CSK के प्रति अपना प्रेम और भावुकता छिपा नहीं सके।

जब गूंजा 'जड्डू-जड्डू' का शोर, तो छलक पड़े आंसू

मैच के दौरान एक वक्त ऐसा आया जब पूरा स्टेडियम जडेजा के नाम से गूंज उठा। यह वाकया चेन्नई की पारी के 9वें ओवर में हुआ। बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग कर रहे जडेजा जैसे ही फैंस के करीब पहुंचे, CSK के समर्थकों ने अपने इस पूर्व 'थाला' के सिपाही का नाम पुकारना शुरू कर दिया।

भावुक पल: अपने प्रति फैंस की इस दीवानगी और 12-13 साल के सुनहरे सफर की यादों ने जडेजा को झकझोर दिया। लाइव मैच के दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

खलील की जर्सी पर बने CSK लोगो को चूमा

मैच खत्म होने के बाद एक और दिल छू लेने वाला नजारा दिखा। राजस्थान की 8 विकेट से जीत के नायक रहे जडेजा जब मैदान पर CSK के खिलाड़ी खलील अहमद से मिलने पहुंचे, तो उन्होंने बात करने से पहले खलील की जर्सी पर लगे CSK के लोगो (Logo) को चूम लिया। जडेजा का अपने 'पुराने प्यार' के प्रति यह सम्मान दर्शाता है कि भले ही उनकी जर्सी का रंग अब गुलाबी हो गया हो, लेकिन दिल के किसी कोने में आज भी 'येलो आर्मी' बसती है।

"आसान नहीं था 13 साल का साथ छोड़ना"

मैच के बाद अपनी भावनाओं को साझा करते हुए जडेजा ने स्वीकार किया कि चेन्नई का साथ छोड़कर राजस्थान में आना उनके लिए मानसिक रूप से काफी कठिन था।

"12-13 साल एक ही परिवार (CSK) का हिस्सा रहने के बाद दूसरी टीम में जाना आसान नहीं होता। खुद को मनाने में बहुत वक्त लगा। जब मैदान पर फैंस ने मेरा नाम पुकारा, तो मैं अपने जज्बात पर काबू नहीं रख पाया और मेरी आंखें नम हो गईं।" — रवींद्र जडेजा

प्रदर्शन में पेशेवर, दिल से जज्बाती

भले ही जडेजा भावुक थे, लेकिन मैदान पर उन्होंने अपने प्रदर्शन में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने पुरानी टीम के खिलाफ पेशेवर अंदाज में गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में महज 18 रन देकर 2 बेशकीमती विकेट झटके। उनके इस स्पेल ने चेन्नई की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और राजस्थान की आसान जीत सुनिश्चित की।

निष्कर्ष: रवींद्र जडेजा का यह व्यवहार खेल भावना की एक मिसाल है। यह साबित करता है कि खिलाड़ी प्रोफेशनल जरूर होते हैं, लेकिन जिस मिट्टी और टीम ने उन्हें पहचान दी, उससे उनका जुड़ाव कभी खत्म नहीं होता।

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