चंद्रकोणा में ममता बनर्जी की 'हुंकार': वोटर लिस्ट में धांधली और NRC पर भाजपा को घेरा, 5 बड़े आरोप

चंद्रकोणा (पश्चिम मेदनीपुर) में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुनावी रैली ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में 'वोटर लिस्ट' और 'नागरिकता' के मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए इसे बंगाल की लोकतांत्रिक पहचान को मिटाने की एक "सुनियोजित साजिश" करार दिया है।

31 Mar 2026  |  59

 

चंद्रकोणा: विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार अभियान के तहत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चंद्रकोणा में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा पर 'वोटर हाइजैकिंग' और 'बाहरी हस्तक्षेप' के जरिए बंगाल की सत्ता हथियाने का आरोप लगाया।

1. 'वोटर हाइजैकिंग' और बाहरी राज्यों का हस्तक्षेप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब बंगाल के 60 लाख असली मतदाता कानूनी पेचीदगियों और जांच (SIR प्रक्रिया) में फंसे हुए थे, तब भाजपा ने पर्दे के पीछे से खेल किया:

अवैध मतदाता: उन्होंने दावा किया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा जैसे भाजपा शासित राज्यों के हज़ारों लोगों को गुपचुप तरीके से बंगाल की मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश की गई है।

30,000 फॉर्म-6: मुख्यमंत्री के अनुसार, भाजपा ने एक सोची-समझी साजिश के तहत 30,000 से ज्यादा फर्जी 'फॉर्म 6' (नए वोटर के लिए आवेदन) जमा किए हैं।

2. NRC और डिटेंशन सेंटर पर 'डेडलाइन'

नागरिकता के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने अपना रुख फिर से साफ करते हुए जनता को भरोसा दिलाया:

कड़ा विरोध: "जब तक मैं सत्ता में हूँ, बंगाल में न तो NRC लागू होगा और न ही कोई डिटेंशन सेंटर बनेगा।"

नाम हटाने की साजिश: उन्होंने आरोप लगाया कि यदि तृणमूल कांग्रेस डटकर खड़ी नहीं होती, तो भाजपा बंगाल की वोटर लिस्ट से लगभग 5 करोड़ नाम हटा देती।

3. भेदभाव और अपमान का आरोप

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर धर्म और लिंग के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया:

निशाने पर अल्पसंख्यक और महिलाएं: उन्होंने कहा कि भाजपा चुनिंदा तरीके से महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम मतदाता सूची से हटा रही है।

भोजन पर पाबंदी: एक रैली में उन्होंने यह भी अंदेशा जताया कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो वह बंगाल में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगा देगी, जो बंगाल की सांस्कृतिक पहचान पर हमला होगा।

4. "मैं ही हूँ 294 सीटों की उम्मीदवार"

ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की कि वे किसी भी सीट पर केवल उनके चेहरे को देखकर वोट दें। उन्होंने कहा, "मुझे ही बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर अपना उम्मीदवार समझें।"

5. सतर्कता की अपील

मुख्यमंत्री ने बंगाल के नागरिकों से 'पैनी नजर' रखने को कहा है:

उन्होंने लोगों से अपने-अपने इलाकों में भाजपा की गतिविधियों और नए नामों के जुड़ने की प्रक्रिया पर नजर रखने की अपील की।

उन्होंने इसे बंगाल की "लोकतांत्रिक आजादी और सांस्कृतिक विरासत" को बचाने की लड़ाई बताया।

रैली के मुख्य बिंदु:

मुद्दाममता बनर्जी का बयान
वोटर लिस्टभाजपा बाहरी राज्यों के लोगों को बंगाल के वोटर के रूप में रजिस्टर कर रही है।
NRC/डिटेंशन सेंटरबंगाल की धरती पर इन्हें कभी कदम नहीं रखने दिया जाएगा।
साजिश60 लाख वोटरों की जांच की आड़ में 30 हजार फर्जी आवेदन जमा किए गए।
अपीलसतर्क रहें और भाजपा की 'पर्दे के पीछे की साजिश' को नाकाम करें।

निष्कर्ष: ममता बनर्जी का यह भाषण स्पष्ट करता है कि आगामी चुनाव केवल विकास के मुद्दों पर नहीं, बल्कि 'अस्मिता' और 'अधिकारों' की लड़ाई के रूप में लड़ा जाएगा। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के उनके आरोपों ने चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी पारदर्शिता पर एक नई बहस छेड़ दी है।

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