नई दिल्ली/कोलकाता: भारत और चीन के बीच वर्षों से ठप पड़ी डायरेक्ट फ्लाइट कनेक्टिविटी अब फिर से पटरी पर लौट रही है। गलवन घाटी विवाद और कोविड-19 महामारी के बाद पैदा हुए कूटनीतिक तनाव के कारण रुकी हुई हवाई सेवाएं अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। चीनी प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया पर इस बहाली की पुष्टि करते हुए इसे व्यापार, पर्यटन और जन-संपर्क (People-to-People contact) के लिए एक बड़ा कदम बताया है।
प्रमुख रूटों पर उड़ानों का आगाज
चीन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इंडिगो, चाइना सदर्न और एयर चाइना जैसी दिग्गज कंपनियां प्रमुख रूटों पर अपनी सेवाएं शुरू कर चुकी हैं या करने वाली हैं:
इंडिगो (IndiGo): कोलकाता और शंघाई के बीच दैनिक (Daily) उड़ान सेवा 29 मार्च से शुरू हो गई है।
एयर चाइना (Air China): 21 अप्रैल से बीजिंग और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू होगी।
चाइना ईस्टर्न: 18 अप्रैल से कुनमिंग-कोलकाता डायरेक्ट फ्लाइट फिर से बहाल होगी।
चाइना सदर्न: ग्वांगझू-दिल्ली रूट पर नई सेवाओं के साथ समर-ऑटम सीजन में विस्तार की योजना है।
आर्थिक संबंधों के लिए 'पॉजिटिव सिग्नल'
शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत (Consulate General) प्रतीक माथुर ने 'इंडिगो 6E' की उड़ान सेवा का उद्घाटन किया। उन्होंने इंडिगो प्रबंधन से मुलाकात के दौरान कहा कि यह विस्तार न केवल हवाई संपर्क बढ़ाएगा, बल्कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाएगा। विशेष रूप से कोलकाता-शंघाई रूट भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
कूटनीतिक बर्फ पिघलने के संकेत?
राजनीतिक स्तर पर सीमा विवाद की चुनौतियां बरकरार होने के बावजूद, व्यावहारिक स्तर पर कनेक्टिविटी का बढ़ना 'सॉफ्ट डिप्लोमेसी' का हिस्सा माना जा रहा है। अक्टूबर 2025 में पांच साल के गतिरोध के बाद उड़ानों को फिर से शुरू करने पर सहमति बनी थी, जिसका क्रियान्वयन अब जमीन पर दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि: "दिल्ली के बाद अब कोलकाता का शंघाई से जुड़ना यह दर्शाता है कि दोनों देश व्यापारिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। एयर ट्रैफिक का बढ़ना इस बात का प्रमाण है कि कूटनीतिक तनाव के बीच भी आर्थिक पहिया घूमना जरूरी है।"
उड़ानों का विवरण एक नज़र में:
| एयरलाइन | रूट | तिथि | स्थिति |
|---|---|---|---|
| इंडिगो | कोलकाता ↔ शंघाई | 29 मार्च | शुरू (दैनिक) |
| चाइना ईस्टर्न | कुनमिंग ↔ कोलकाता | 18 अप्रैल | बहाली |
| एयर चाइना | बीजिंग ↔ दिल्ली | 21 अप्रैल | नई शुरुआत |
| चाइना सदर्न | ग्वांगझू ↔ दिल्ली | समर सीजन | प्रस्तावित |
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निष्कर्ष: हवाई संपर्क की यह वापसी न केवल यात्रियों के समय और धन की बचत करेगी, बल्कि दोनों एशियाई महाशक्तियों के बीच ठप पड़े पर्यटन और व्यावसायिक दौरों को भी नई ऊर्जा देगी। आने वाले महीनों में उड़ानों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।