बस्तर में माओवाद का 'सरेंडर' काल: 44 कैडरों का आत्मसमर्पण, करोड़ों की संपत्ति और हथियारों का जखीरा बरामद

केंद्र सरकार द्वारा माओवाद उन्मूलन के लिए निर्धारित समयसीमा के अंतिम दिन मंगलवार को चार जिलों में 44 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में भारी इनामी नक्सली और महिला कैडर भी शामिल हैं।

31 Mar 2026  |  56

 

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में वामपंथी उग्रवाद (LWE) के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। केंद्र सरकार द्वारा माओवाद उन्मूलन के लिए निर्धारित समयसीमा के अंतिम दिन मंगलवार को चार जिलों में 44 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में भारी इनामी नक्सली और महिला कैडर भी शामिल हैं।

बीजापुर: 1.47 करोड़ के इनामी नक्सलियों ने डाले हथियार

बीजापुर जिले में ‘पुना नारगेम’ (नई सुबह) अभियान के तहत 25 माओवादियों (12 महिलाओं सहित) ने आत्मसमर्पण किया।

बड़ी बरामदगी: सुरक्षा बलों ने इनके पास से 14.06 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है, जिसमें 2.90 करोड़ नकद और 7.20 किलोग्राम सोना शामिल है।

हथियार: सरेंडर करने वाले कैडरों से LMG, AK-47, SLR और इंसास राइफल जैसे 93 घातक हथियार बरामद किए गए। इन सभी पर कुल 1.47 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

दंतेवाड़ा और सुकमा: कैंपेन का बढ़ता असर

दंतेवाड़ा: यहाँ 5 माओवादियों (4 महिलाएं) ने आत्मसमर्पण किया। इनके पास से SLR और बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) सहित 40 हथियार बरामद किए गए।

सुकमा: ओडिशा कंपनी में सक्रिय दो कैडरों (प्रत्येक पर 8 लाख का इनाम) ने हथियार डाले। पुलिस ने इनके डंप से 10 लाख नकद और AK-47 जैसे हथियार बरामद किए।

नारायणपुर: 'माड़ बचाओ अभियान' की सफलता

नारायणपुर में पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुुरिया के समक्ष बिजलू मंडावी (1 लाख का इनामी) ने सरेंडर किया।

विशाल बरामदगी: जिला पुलिस, DRG, ITBP और BSF के संयुक्त अभियान में 59 हथियार, 1,856 जिंदा कारतूस, 330 BGL राउंड और भारी मात्रा में विस्फोटक (गनपाउडर, सल्फर और यूरिया) जब्त किया गया।

पुलिस आंकड़ों के अनुसार, नारायणपुर जिले में अकेले वर्ष 2025–26 के दौरान अब तक 302 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 270 हथियार बरामद किए गए हैं।

मुख्य आंकड़े: एक नजर में (बस्तर संभाग)

जिलाआत्मसमर्पण (मंगलवार)विशेष बरामदगीअभियान का नाम
बीजापुर25 (12 महिलाएं)₹14.06 करोड़ संपत्ति, 93 हथियारपुना नारगेम
दंतेवाड़ा05 (4 महिलाएं)40 हथियार (SLR, BGL आदि)पुना नारगेम
नारायणपुर01 (कुल 302 इस वर्ष)1,856 कारतूस, भारी विस्फोटकमाड़ बचाओ अभियान
कांकेर11 (25-31 मार्च के बीच)--

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अंतिम प्रहार की ओर सुरक्षा बल

अधिकारियों का कहना है कि यह बड़ी सफलता निरंतर ऑपरेशनों, खुफिया जानकारी और स्थानीय ग्रामीणों के बढ़ते विश्वास का परिणाम है। केंद्र सरकार की समयसीमा समाप्त होने के साथ ही सुरक्षा बलों ने शेष माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का त्याग कर पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।

निष्कर्ष: बस्तर में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण और हथियारों की बरामदगी को माओवाद के 'अंतिम चरण' (Final Phase) के रूप में देखा जा रहा है। रसद आपूर्ति और आईईडी बनाने की क्षमता पर इस प्रहार ने विद्रोहियों की कमर तोड़ दी है।

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