हिसार: हरियाणा की प्रमुख अनाज मंडियों में से एक, हिसार की नई अनाज मंडी में रबी फसलों की आवक ने रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार को मंडी में सरसों की भारी आवक दर्ज की गई, जबकि खराब मौसम के चलते गेहूं की सरकारी खरीद और आवक में अभी देरी होने की संभावना है।
सरसों की आवक में उछाल, गेहूं का इंतज़ार
मंडी सचिव भारत शर्मा ने बताया कि मंडी में सरसों लेकर पहुँचने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बुधवार का आंकड़ा: मंडी में कुल 5200 क्विंटल सरसों की आवक हुई, जिसके लिए 122 गेट पास जारी किए गए। इससे एक दिन पहले भी 5150 क्विंटल सरसों मंडी पहुँची थी।
गेहूं की स्थिति: सरकार ने 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन हालिया वर्षा और नमी के कारण अभी तक एक भी दाना मंडी नहीं पहुँचा है। अधिकारियों का अनुमान है कि अब गेहूं की आवक 10 अप्रैल के आसपास ही शुरू हो पाएगी।
प्रशासनिक मुस्तैदी और किसानों को सलाह
मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए सीटीएम (CTM) और डीएम (DM) लगातार दौरा कर रहे हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि:
मौसम के मिजाज को देखकर ही फसल मंडी में लाएं।
फसल को अच्छी तरह सुखाकर और पूरी तरह तैयार करके लाएं ताकि उचित दाम मिल सके।
मंडी में जलभराव न हो और तिरपाल आदि की व्यवस्था दुरुस्त रहे, इसके निर्देश दिए गए हैं।
ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को चोट
मंगलवार को जिले के कई हिस्सों में हुई तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषकर उकलाना, पाबड़ और नहला जैसे क्षेत्रों में सरसों और गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान की आशंका है।
कृषि विभाग की कार्रवाई:
कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जिले के 14 से अधिक गांवों में खेतों का दौरा कर रहे हैं।
मुख्य कृषि अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है।
विभाग के अनुसार, नुकसान के सटीक आकलन की विस्तृत रिपोर्ट गुरुवार (कल) तक सार्वजनिक कर दी जाएगी।
निष्कर्ष: जहाँ एक ओर मंडी में सरसों की आवक से रौनक है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बरसात ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अब सबकी नजरें कृषि विभाग की कल आने वाली सर्वे रिपोर्ट पर टिकी हैं।