‘भाजपा न रुकती है, न झुकती है’: कार्यालय पर हमले के बाद अश्वनी शर्मा का भगवंत मान सरकार पर तीखा प्रहार

पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने आज घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने इस हमले को भाजपा की बढ़ती राजनीतिक ताकत से बौखलाई अलगाववादी ताकतों की एक कायराना साजिश करार दिया है।

03 Apr 2026  |  22

 

चंडीगढ़ | चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय पर हुए हालिया हमले ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है। पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने आज घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने इस हमले को भाजपा की बढ़ती राजनीतिक ताकत से बौखलाई अलगाववादी ताकतों की एक कायराना साजिश करार दिया है।

सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री को घेरा

अश्वनी शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वह अपनी नैतिक और सुरक्षात्मक जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया:

"भाजपा कार्यालय भले ही चंडीगढ़ में हो, लेकिन यह 'पंजाब भाजपा' का मुख्यालय है और इसकी सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी पंजाब पुलिस की है। मुख्यमंत्री का यह कहना कि घटना चंडीगढ़ में हुई है और उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"

शर्मा ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी तब भी नजर नहीं आई थी जब 2022 में खुफिया विभाग (Intelligence) के मुख्यालय पर आरपीजी अटैक हुआ था या जब पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले हुए थे।

"जल्दबाजी में बाहर गिरा ग्रेनेड"

अश्वनी शर्मा ने दावा किया कि शरारती तत्वों का इरादा ग्रेनेड को भाजपा कार्यालय के अंदर फेंकने का था, लेकिन जल्दबाजी और घबराहट में वह बाहर ही गिर गया। उन्होंने इस हमले को एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ा। शर्मा के अनुसार, यह हमला उसी दिन हुआ जब 1984 सिख नरसंहार की लड़ाई लड़ने वाले एच.एस. फूलका भाजपा में शामिल हुए।

अलगाववादी ताकतों और 'आप' पर निशाना

भाजपा अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की बुनियाद पंजाब को तोड़ने वाली ताकतों के सहारे रखी गई है। उन्होंने प्रतिबंधित अलगाववादी पन्नू के पुराने वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि 'आप' को कट्टरपंथियों का समर्थन प्राप्त रहा है और अब वही एजेंडा लागू करने की कोशिश हो रही है।

हमले के पीछे के संभावित कारण (अश्वनी शर्मा के अनुसार):

बढ़ता जनाधार: एच.एस. फूलका और अन्य पंथक नेताओं का भाजपा में शामिल होना।

सफल रैलियां: पीएम मोदी का डेरा बल्ला जाना और गृह मंत्री अमित शाह की रैली में उमड़ी भारी भीड़।

धार्मिक ध्रुवीकरण: डॉ. अंबेडकर की मूर्तियों को खंडित करने वाली ताकतों का सक्रिय होना।

अश्वनी शर्मा की सुरक्षा बढ़ाई गई

भाजपा कार्यालय के बाहर हुए इस धमाके की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए विधायक और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी है। पार्टी कार्यालय पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

अंत में शर्मा ने हुंकार भरते हुए कहा कि भाजपा ऐसी धमकियों और हमलों से न डरती है, न रुकती है और न ही कभी झुकेगी।

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