AAP में 'समोसा' संग्राम: राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाया, अनुराग ढांडा और सीएम भगवंत मान का तीखा हमला

पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उच्च सदन में 'उपनेता' के पद से हटा दिया है। उनकी जगह पंजाब के उद्योगपति और सांसद अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

03 Apr 2026  |  14

 

नई दिल्ली/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़कों और सोशल मीडिया पर आ गई है। पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उच्च सदन में 'उपनेता' के पद से हटा दिया है। उनकी जगह पंजाब के उद्योगपति और सांसद अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

"मोदी से डरते हैं राघव चड्ढा": अनुराग ढांडा का पलटवार

AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने एक्स (X) पर एक के बाद एक कई हमले किए। ढांडा ने आरोप लगाया कि चड्ढा पिछले कुछ वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलने से हिचकिचा रहे हैं।

समोसा बनाम देश: ढांडा ने तंज कसते हुए कहा, "संसद में पार्टी को बहुत कम समय मिलता है। उस समय में हम या तो देश को बचाने के लिए लड़ सकते हैं या 'हवाई अड्डे पर समोसे सस्ते करवाने' की मांग कर सकते हैं।"

प्रस्ताव पर हस्ताक्षर से इनकार: आरोप है कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ पार्टी प्रस्ताव लाई थी, तो चड्ढा ने उस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया और सदन से वॉकआउट के समय भी वे अपनी 'हाजिरी' लगवाने के लिए वहीं रुके रहे।

सीएम भगवंत मान और सौरभ भारद्वाज की नाराजगी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी लाइन से हटने वालों पर कार्रवाई तय है।

पंजाब के मुद्दे गायब: मान ने कहा कि चड्ढा ने पंजाब के रुके हुए फंड और गुजरात में गिरफ्तार कार्यकर्ताओं जैसे गंभीर मुद्दे उठाने के बजाय डिलीवरी टाइम और कैंटीन के मुद्दों पर ध्यान दिया। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि चड्ढा "कॉम्प्रोमाइज्ड" (समझौतावादी) लग रहे हैं।

सॉफ्ट PR का आरोप: दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चड्ढा जनता के अहम मुद्दों के बजाय अपनी 'सॉफ्ट पीआर' चमकाने में लगे थे।

राघव चड्ढा का जवाब: "मेरी चुप्पी को हार मत समझना"

पद से हटाए जाने और हमलों के बीच राघव चड्ढा ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने भावुक और कड़े शब्दों में अपना पक्ष रखा:

जनता के मुद्दे: चड्ढा ने तर्क दिया कि हवाई अड्डे पर खाने की लूट, Zomato-Blinkit डिलीवरी बॉय की समस्याएं, खाने में मिलावट और टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीने में 13 बार रिचार्ज करवाने जैसे मुद्दे सीधे आम आदमी से जुड़े हैं।

चेतावनी भरी शायराना अंदाज़: चड्ढा ने कहा, "मेरी चुप्पी को मेरी हार मत समझना। मैं वह नदी हूँ जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है। क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है?"

नए उपनेता: अशोक मित्तल

पार्टी ने आधिकारिक तौर पर राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त करने की जानकारी दे दी है। मित्तल पंजाब से सांसद हैं और एक बड़े शिक्षाविद् व उद्योगपति के रूप में जाने जाते हैं।

विवाद की मुख्य वजहें:

CEC बिल: विपक्षी एकजुटता और पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान चड्ढा की कथित निष्क्रियता।

मुद्दों का चयन: गंभीर राजनीतिक मुद्दों के बजाय 'समोसे' और 'डिलीवरी' जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देना।

पार्टी व्हिप: वॉकआउट के दौरान सदन में मौजूद रहना, जिसे अनुशासनहीनता माना गया।

निष्कर्ष: राघव चड्ढा, जो कभी पार्टी के सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक थे, अब अपनी ही पार्टी के निशाने पर हैं। "केजरीवाल के सिपाही" बनाम "समोसे की राजनीति" की यह जंग आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।

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