नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय कृषि और उद्योग जगत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने कीटनाशकों और अन्य कृषि रसायनों के निर्माण में उपयोग होने वाले प्रमुख रसायनों और पेट्रो-केमिकल्स पर सीमा शुल्क (Customs Duty) में कटौती का बड़ा फैसला किया है। लगभग 70,000 करोड़ रुपये के भारतीय एग्रो-केमिकल क्षेत्र का अनुमान है कि इस कदम से इनपुट लागत में 8 से 9 प्रतिशत की गिरावट आएगी।
तीन महीने के लिए शुल्क में छूट
सरकारी आदेश के अनुसार, यह रियायत 2 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। सरकार ने आइसोप्रोपिल अल्कोहल, पीवीसी, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीस्टाइनिन, एमईजी और फॉर्मलाडेहाइड जैसे महत्वपूर्ण कच्चे माल पर शुल्क कम किया है। ये रसायन खरपतवार नाशक (Herbicides) और फफूंदनाशक (Fungicides) बनाने में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।
खरीफ की कीमतों पर प्रभाव: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
हालांकि लागत में कमी आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका तत्काल लाभ खरीफ सीजन की कीमतों में नहीं दिखेगा। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
तैयार इन्वेंट्री: अधिकांश कंपनियां पहले ही अपनी प्लांट प्रोटेक्शन दवाओं का निर्माण कर चुकी हैं।
सप्लाई चेन: लगभग 40-50% उत्पाद पहले ही डीलरों तक भेजे जा चुके हैं।
असली लाभ: उद्योग अधिकारियों के अनुसार, इस कटौती का वास्तविक प्रभाव वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में महसूस किया जाएगा, जब नए माल का उत्पादन होगा।
पश्चिम एशिया संकट की चुनौती
हाल ही में क्रॉपलाइफ इंडिया के चेयरमैन अंकुर अग्रवाल ने चेतावनी दी थी कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण शिपिंग रूट बाधित हुए हैं, जिससे लागत में 20-25% की वृद्धि हो सकती थी। सरकार के इस हस्तक्षेप से लागत में होने वाली इस भारी वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी।
एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (ACFI) के महानिदेशक डॉ. कल्याण गोस्वामी ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा:
"यह कदम किसानों को कृषि इनपुट की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। हालांकि, मौजूदा इन्वेंट्री अगस्त-सितंबर 2026 तक खत्म होने की उम्मीद है, इसलिए हम सरकार से इस रियायत को दूसरी तिमाही (Q2) तक बढ़ाने की सिफारिश करते हैं ताकि शिपिंग में हो रही देरी के प्रभाव को कम किया जा सके।"
प्रमुख रसायन जिन पर शुल्क घटाया गया
| श्रेणी | रसायनों के नाम |
|---|---|
| पेट्रो-केमिकल्स | PVC, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीस्टाइनिन |
| औद्योगिक रसायन | आइसोप्रोपिल अल्कोहल, MEG |
| स्टेबलाइजर | फॉर्मलाडेहाइड |
निष्कर्ष: सरकार के इस समयबद्ध फैसले ने एग्रो-केमिकल सेक्टर को वैश्विक अस्थिरता के बीच एक सुरक्षा कवच प्रदान किया है। यदि शिपिंग देरी को देखते हुए इस छूट की अवधि बढ़ाई जाती है, तो इसका दीर्घकालिक लाभ सीधे भारतीय किसानों की जेब तक पहुंचेगा।