कृषि क्षेत्र में 'डिजिटल क्रांति' और 'पारदर्शिता' पर जोर: शिवराज सिंह चौहान ने कालाबाजारी रोकने और 100% पंजीकरण का दिया लक्ष्य

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने किसान पंजीकरण, उर्वरक वितरण और PM-AASHA योजना के तहत दालों की खरीद में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए

04 Apr 2026  |  18

 

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने किसान पंजीकरण, उर्वरक वितरण और PM-AASHA योजना के तहत दालों की खरीद में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।

छह महीने में 100% किसान पंजीकरण का लक्ष्य

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) के दायरे को बढ़ाते हुए कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाए।

अब तक की प्रगति: 19 राज्यों में अब तक 9.25 करोड़ किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं।

नया लक्ष्य: चौहान ने कृषि और राजस्व विभागों को संयुक्त अभियान चलाकर अगले छह महीनों के भीतर 100% कवरेज हासिल करने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण केवल पीएम-किसान लाभार्थियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

उर्वरक कालाबाजारी पर 'जीरो टॉलरेंस'

खाद और उर्वरकों की जमाखोरी और अवैध व्यापार पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया।

सीमावर्ती क्षेत्रों पर नजर: उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में उर्वरकों की अवैध आवाजाही पर चिंता जताई और राज्यों को सख्त चेकिंग करने के निर्देश दिए।

तकनीकी वितरण: खाद के समान वितरण के लिए 'टेक्नोलॉजी-बेस्ड' सिस्टम अपनाने पर जोर दिया गया।

प्राकृतिक खेती: असंतुलित उर्वरक उपयोग को कम करने के लिए राज्यों को जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। हरियाणा की 'मेरी फसल, मेरा ब्यौरा' योजना को एक अनुकरणीय मॉडल बताते हुए इसकी सराहना की गई।

MSP पर खरीद: बायोमेट्रिक और DBT अनिवार्य

PM-AASHA योजना के तहत दलहन और तिलहन की खरीद की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि:

गुणवत्ता सर्वोपरि: केवल FAQ (फेयर एवरेज क्वालिटी) ग्रेड की उपज की ही खरीद की जाए।

पारदर्शिता: खरीद केंद्रों पर आधार लिंक पंजीकरण और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।

सीधा लाभ: किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजा जाएगा। हाल ही में आंध्र प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित 12 राज्यों को चना, मसूर और मूंगफली जैसी फसलों की खरीद की अनुमति दी गई है।

आगामी अभियान: क्षेत्रीय सम्मेलन और 'विकसित कृषि संकल्प'

कृषि नीति को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंत्री ने दो बड़े कार्यक्रमों की घोषणा की:

क्षेत्रीय सम्मेलन: 7 अप्रैल को जयपुर में 'पश्चिमी क्षेत्र' का पहला क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित होगा। देश को पांच कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटकर ऐसी चर्चाएं की जाएंगी।

विकसित कृषि संकल्प अभियान: मई में 15-20 दिनों का राष्ट्रव्यापी फील्ड अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत वैज्ञानिक गांवों का दौरा कर मृदा स्वास्थ्य, बीज की गुणवत्ता और संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसानों का मार्गदर्शन करेंगे। पिछले वर्ष इस अभियान के तहत 60,000 से अधिक गांवों को कवर किया गया था।

बैठक में उपस्थिति: इस उच्च स्तरीय बैठक में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों के कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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