चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पेराम्बुर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीटों से ताल ठोक रहे टीवीके (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने अपने संशोधित हलफनामे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शुरुआती नामांकन में 'शून्य' आपराधिक मामले बताने वाले अभिनेता ने अब दो लंबित एफआईआर (FIR) की जानकारी सार्वजनिक की है।
क्यों बदला हलफनामा?
सूत्रों के अनुसार, विजय ने 30 मार्च को पेराम्बुर से नामांकन के समय दिए गए हलफनामे में किसी भी आपराधिक मामले का जिक्र नहीं किया था। हालांकि, 2 अप्रैल को तिरुचि ईस्ट से नामांकन के दौरान उन्होंने दो मामलों की जानकारी दी। इन दोनों दस्तावेजों में विसंगति को दूर करने और चुनाव आयोग के नियमों का पालन करने के लिए 4 अप्रैल को उनके प्रतिनिधियों ने रिटर्निंग ऑफिसर के पास एक 'पूरक हलफनामा' जमा किया।
इन दो मामलों का हुआ जिक्र
चेन्नई (K5 पेरावल्लूर थाना): यह मामला 30 मार्च 2026 का है। आरोप है कि नामांकन के बाद चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक अव्यवस्था फैली। विजय ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस FIR की जानकारी 2 अप्रैल को सोशल मीडिया के माध्यम से मिली।
मदुरै (कूडाकोविल थाना): यह मामला अगस्त 2025 में हुए पार्टी सम्मेलन से जुड़ा है। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि बाउंसरों ने उसे धक्का दिया जिससे वह घायल हो गया। विजय के अनुसार, उन्हें इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक समन नहीं मिला है।
630 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति
हलफनामे के अनुसार, थलपति विजय की कुल संपत्ति ने सबको हैरान कर दिया है:
चल संपत्ति: लगभग 410.59 करोड़ रुपये, जिसमें भारी बैंक डिपॉजिट और कीमती आभूषण शामिल हैं।
अचल संपत्ति: चेन्नई के नीलांकरई और सालिग्रामम जैसे पॉश इलाकों में मकान और व्यावसायिक संपत्तियां, जिनकी कीमत लगभग 220.15 करोड़ रुपये है।
सालाना आय: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उन्होंने अपनी कुल आय 184.53 करोड़ रुपये घोषित की है।
बकाया टैक्स: करीब 3.44 करोड़ रुपये का आयकर बकाया भी दिखाया गया है, जो फिलहाल कानूनी अपील के अधीन है।
दो सीटों से चुनावी रण में
विजय ने इस बार रणनीतिक रूप से दो विधानसभा सीटों—पेराम्बुर (चेन्नई) और तिरुचिरापल्ली ईस्ट—को चुना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले हलफनामे में मामलों का जिक्र न करना एक तकनीकी चूक हो सकती थी, जिसे अब सुधार लिया गया है। फिर भी, विपक्षी दल इसे 'तथ्यों को छिपाने' की कोशिश बताकर हमलावर हो सकते हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे विजय के लिए यह चुनाव साख की लड़ाई बन गया है। अब देखना यह है कि चुनाव आयोग इन नए दस्तावेजों पर क्या रुख अपनाता है।