ममता का 'भाषाई कार्ड': शमशेरगंज में गरजे टीएमसी सुप्रीमो, कहा— 'सत्ता में नहीं लौटे तो भाजपा बांग्ला भाषा को दफन कर देगी'

मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुनावी रैली के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है। रैली में उन्होंने 'बांग्ला अस्मिता' को केंद्र में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और इसे राज्य की संस्कृति बचाने की लड़ाई करार दिया।

05 Apr 2026  |  4

 

मुर्शिदाबाद/शमशेरगंज: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी रणनीति का सबसे बड़ा पत्ता खोल दिया है। शमशेरगंज की चुनावी रैली में उन्होंने 'बांग्ला अस्मिता' को केंद्र में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और इसे राज्य की संस्कृति बचाने की लड़ाई करार दिया।

"भाषा और पहचान पर खतरा": ममता की चेतावनी

ममता बनर्जी ने भीड़ को संबोधित करते हुए एक गंभीर भावनात्मक मुद्दा छेड़ा। उन्होंने आगाह किया कि यदि तृणमूल कांग्रेस सत्ता में वापस नहीं आई, तो बंगाल अपनी मौलिक पहचान खो देगा।

अस्तित्व की लड़ाई: उन्होंने कहा, "याद रखिएगा, अगर टीएमसी नहीं रही, तो भाजपा बांग्ला भाषा को दफन कर देगी। वे बंगाल को गुजरात बनाना चाहते हैं, जहाँ बांग्ला बोलने वालों के लिए कोई जगह नहीं होगी।"

संस्कृति पर प्रहार: मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दिल्ली से आने वाले नेता बंगाल की गौरवशाली परंपरा और मातृभाषा पर हमला कर रहे हैं।

अमित शाह पर सीधा हमला: 'मोटाभाई' और 'धमकी' का आरोप

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना ममता बनर्जी ने उन्हें 'मोटाभाई' कहकर संबोधित किया और उन पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

"एक व्यक्ति यहाँ आकर हमारे अधिकारियों को डरा-धमका रहा है। ये 'मोटाभाई' पर्दे के पीछे से एजेंसियों का खेल खेल रहे हैं। अगर साहस है, तो खुले मैदान में आकर मुकाबला कीजिए।" — ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री (पश्चिम बंगाल)

महिला वोट बैंक में 'सेंधमारी' की साजिश?

ममता बनर्जी ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं के वोट काटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने महिलाओं को सतर्क करते हुए कहा कि विभिन्न हथकंडों से मतदाता सूची से नाम हटवाने या उन्हें प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि 'लक्ष्मी भंडार' जैसी योजनाओं के कारण महिलाएँ टीएमसी का मजबूत स्तंभ मानी जाती हैं।

भाजपा का पलटवार: 'हार की हताशा में निजी हमले'

ममता बनर्जी के इन तीखे आरोपों पर भाजपा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ताओं ने इसे मुख्यमंत्री की "हताशा" करार दिया।

हार का डर: भाजपा का कहना है कि अपनी निश्चित हार को देखते हुए ममता बनर्जी अब व्यक्तिगत हमलों पर उतर आई हैं।

मोदी लहर: पार्टी ने दावा किया कि पीएम मोदी की कूच विहार रैली के बाद बंगाल का माहौल पूरी तरह बदल जाएगा और 2026 में परिवर्तन तय है।

निष्कर्ष: 'बंगाल बनाम बाहरी' की जंग

23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले शमशेरगंज की इस रैली ने चुनाव की दिशा तय कर दी है। जहाँ टीएमसी इसे 'बांग्ला भाषा बनाम हिंदी थोपना' की लड़ाई बता रही है, वहीं भाजपा इसे 'विकास बनाम कुशासन' का मुद्दा बना रही है। अब फैसला बंगाल की जनता के हाथ में है।

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