गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव की दहलीज पर राज्य की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर तीन विदेशी पासपोर्ट रखने का सनसनीखेज आरोप लगाया। कांग्रेस के इन आरोपों पर मुख्यमंत्री ने तीखा पलटवार करते हुए इसे 'हताशा' करार दिया है और खेड़ा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की घोषणा की है।
कांग्रेस का आरोप: 'यूएई, एंटीगुआ और मिस्र के पासपोर्ट का दावा'
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवन खेड़ा ने कुछ दस्तावेज सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि रिंकी भुइयां सरमा के पास भारत के अलावा तीन अन्य देशों के पासपोर्ट/दस्तावेज हैं:
यूएई (UAE) का गोल्डन कार्ड
एंटीगुआ और बारबुडा का पासपोर्ट
मिस्र (Egypt) का पासपोर्ट
खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा, "इनमें से दो पासपोर्ट इस्लामिक देशों के हैं, जबकि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से अपने धार्मिक जुड़ाव का बढ़-चढ़कर दावा करते हैं।" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का नाम पहले भी जमीन हड़पने, मंदिर के धन के दुरुपयोग और सरकारी सब्सिडी में हेराफेरी जैसे मामलों में आता रहा है, लेकिन विदेशी पासपोर्ट का मामला सीधे तौर पर 'राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून' से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री का पलटवार: '48 घंटे में दर्ज होगा मुकदमा'
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन दावों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा:
"पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस की घबराहट को दर्शाती है। जैसे-जैसे असम ऐतिहासिक जनादेश की ओर बढ़ रहा है, ऐसे बेबुनियाद हमले उनके कमजोर जनाधार को उजागर कर रहे हैं। हम अगले 48 घंटों के भीतर खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे।"
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अदालत में सच साबित होगा और झूठ फैलाने के आरोप में पवन खेड़ा को जेल जाना पड़ेगा।
विपक्ष ने घेरा: 'असम के लिए शर्मिंदगी'
सांसद गौरव गोगोई ने भी इस विवाद में कूदते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई पासपोर्ट रखना और संपत्तियों का खुलासा न करना एक गंभीर आपराधिक अपराध है। गोगोई ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने विदेशी बैंक खातों में कितना पैसा भेजा है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को राज्य के लिए "शर्मिंदगी" बताया।
क्या कहता है कानून?
भारत में दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) का प्रावधान नहीं है। यदि किसी भारतीय नागरिक के पास दूसरे देश का पासपोर्ट पाया जाता है, तो उसे अपनी भारतीय नागरिकता छोड़नी पड़ती है। ऐसे में यदि कांग्रेस के दावे सच साबित होते हैं, तो यह एक बड़ा कानूनी संकट बन सकता है, वहीं अगर दावे झूठे निकले तो कांग्रेस को भारी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
आरोप: सीएम की पत्नी पर 3 विदेशी पासपोर्ट रखने का दावा।
प्रतिक्रिया: सीएम द्वारा 48 घंटे में मानहानि का केस करने की चेतावनी।
सियासत: विधानसभा चुनाव से पहले असम में भ्रष्टाचार और नागरिकता पर रार।