पुणे/बारामती: महाराष्ट्र की सियासत का केंद्र माने जाने वाले बारामती में विधानसभा उपचुनाव के लिए बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस ने एडवोकेट आकाश (अशोक) विजय राव मोरे को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। वहीं, राज्य की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार ने इस चुनाव को अपने जीवन की सबसे कठिन परीक्षा बताते हुए इसे निर्विरोध संपन्न कराने की गुहार लगाई है।
सुनेत्रा पवार की भावुक अपील: "ऐसा समय किसी पर न आए"
जनवरी 2026 में एक दुखद हवाई हादसे में अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर सुनेत्रा पवार ने नामांकन दाखिल किया है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा:
"यह मेरे जीवन का सबसे कठिन चुनाव है; भगवान करे ऐसा समय किसी पर भी न आए। यह केवल मेरा चुनाव नहीं, बल्कि बारामती की जनता का चुनाव है।"
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रफुल्ल पटेल और वे स्वयं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संपर्क में हैं, ताकि कांग्रेस से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का अनुरोध किया जा सके और परंपरा के अनुसार इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जा सके।
कांग्रेस का पलटवार: "परंपरा बीजेपी ने तोड़ी, हमने नहीं"
दूसरी ओर, कांग्रेस ने पीछे हटने के मूड में न होने के संकेत दिए हैं। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने पार्टी के फैसले का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि बारामती में कांग्रेस का आधार मजबूत है।
कांग्रेस के तर्क:
पिछड़ा वर्ग कार्ड: दलवई ने कहा कि अशोक मोरे पिछड़े वर्ग से आते हैं और उनके जीतने की पूरी संभावना है।
परंपरा पर सवाल: उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक परंपराओं को तोड़ने का काम विपक्षी खेमे ने शुरू किया है। कांग्रेस ने अपने वैचारिक आधार पर उम्मीदवार उतारा है और यह फैसला पूरी तरह सही है।
स्वार्थ की राजनीति: दलवई ने तंज कसा कि केवल अपने फायदे और स्वार्थ के लिए कांग्रेस को मैदान से बाहर रहने की सलाह देना गलत है।
क्या होगा बारामती का भविष्य?
अजित पवार के निधन के बाद उपजी सहानुभूति लहर के बीच कांग्रेस की इस एंट्री ने समीकरणों को उलझा दिया है।
क्या मल्लिकार्जुन खरगे सुनेत्रा पवार के अनुरोध को स्वीकार करेंगे?
क्या विपक्षी गठबंधन में इस सीट को लेकर कोई नई सहमति बनेगी?
इन सवालों के जवाब आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट होंगे, लेकिन फिलहाल बारामती की जनता एक हाई-प्रोफाइल चुनावी मुकाबले की गवाह बनने जा रही है।