हरियाणा: मंडी नियमों पर भड़का किसानों का गुस्सा: बरवाला में बाडो पट्टी टोल कमेटी का हल्लाबोल, सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

सरकार द्वारा लागू किए गए नए खरीद नियमों और जटिल कागजी प्रक्रिया के विरोध में किसानों ने संयुक्त किसान मजदूर बाडो पट्टी टोल कमेटी के बैनर तले अनाज मंडी में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

08 Apr 2026  |  27

 

बरवाला | अनाज मंडियों में गेहूं की आवक के बीच हरियाणा के बरवाला में मंगलवार को माहौल गरमा गया। सरकार द्वारा लागू किए गए नए खरीद नियमों और जटिल कागजी प्रक्रिया के विरोध में किसानों ने संयुक्त किसान मजदूर बाडो पट्टी टोल कमेटी के बैनर तले अनाज मंडी में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने दोटूक शब्दों में कहा कि वे अब कागजी कार्रवाई के नाम पर प्रशासन का अपमान सहन नहीं करेंगे।

"एक तरफ मौसम की मार, दूसरी तरफ कागजों का जाल"

धरने को संबोधित करते हुए बाडो पट्टी टोल कमेटी के अध्यक्ष सरदानंद राजली ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा:

"किसान पहले से ही बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से अपनी बर्बाद होती फसल को देखकर सदमे में है। ऐसे संकट के समय में मरहम लगाने के बजाय सरकार उन्हें नए पोर्टल और कागजी जटिलताओं में फंसाकर प्रताड़ित कर रही है। यह किसानों पर सीधा अत्याचार है।"

प्रशासन के साथ बैठक और मिली राहत

प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ता देख मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र कुंडू ने संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ आपात बैठक की। लंबी चर्चा के बाद सचिव ने किसानों को कुछ महत्वपूर्ण आश्वासन दिए:

24 घंटे खुलेगी मंडी: किसानों की सुविधा के लिए अब मंडी के दरवाजे दिन-रात खुले रहेंगे।

गेट पास की अनिवार्यता खत्म: मंडी में प्रवेश के समय गेट पास को लेकर हो रही देरी और परेशानी को देखते हुए इसे फिलहाल न लगाने का भरोसा दिया गया।

उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट: अन्य नीतिगत मांगों को लेकर सचिव ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही उच्च अधिकारियों को किसानों की भावनाओं से अवगत कराएंगे।

चेतावनी: "नियम वापस लें, वरना सड़क पर होगा आंदोलन"

प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद किसान नेताओं का तेवर नरम नहीं पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों पर थोपे गए 'किसान विरोधी' नियम तुरंत प्रभाव से वापस नहीं लिए गए, तो वे अनाज मंडी से लेकर सड़कों तक एक बड़ा आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।

प्रदर्शन में शामिल मुख्य चेहरे: इस विरोध प्रदर्शन में उमेद सिंह, मा. कर्मवीर जलंधरा (तहसील प्रधान), धोला जेवरा, रोहतास राजली, नरेश भ्याण, सत्यवान रेडू, सत्यवान खेदड़, ईश्वर वर्मा और विरेंद्र नैन सहित भारी संख्या में किसान और मजदूर मौजूद रहे।

यह समाचार स्थानीय आधिकारिक सूचनाओं और प्रदर्शन स्थल से प्राप्त विवरणों के आधार पर तैयार किया गया है।

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