राजनीति में दिखी मर्यादा: बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत तय, अजित पवार के सम्मान में कांग्रेस ने पीछे खींचे कदम

बारामती विधानसभा उपचुनाव में दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने अपने दिवंगत पूर्व सहयोगी के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए गुरुवार को अपने उम्मीदवार का नामांकन वापस लेने का बड़ा फैसला किया।

09 Apr 2026  |  6

 

मुंबई/बारामती। महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर 'मर्यादा और सम्मान' की परंपरा जीवंत हो उठी है। बारामती विधानसभा उपचुनाव में दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने अपने दिवंगत पूर्व सहयोगी के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए गुरुवार को अपने उम्मीदवार का नामांकन वापस लेने का बड़ा फैसला किया।

विमान हादसे में हुआ था अजित पवार का निधन

यह उपचुनाव 23 अप्रैल को होना है, जो अजित पवार के आकस्मिक निधन के कारण अनिवार्य हो गया था। गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय एक चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें अजित पवार की मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना ने न केवल पवार परिवार, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों को स्तब्ध कर दिया था।

सियासी अपील और सुलह की कोशिशें

सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत सुनिश्चित करने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने एकजुटता दिखाई:

मुख्यमंत्री की पहल: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को फोन कर उम्मीदवार हटाने का आग्रह किया।

पवार परिवार की सक्रियता: शरद पवार गुट की सुप्रिया सुले और रोहित पवार ने भी इसी तरह की भावुक अपील की।

सुनेत्रा पवार का संवाद: सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने स्वयं प्रदेश कांग्रेस प्रमुख से बात कर अपने पति (अजित पवार) के साथ कांग्रेस के पुराने संबंधों का हवाला दिया।

कांग्रेस का बयान: 'विचारधारा अलग, पर सम्मान सर्वोपरि'

कांग्रेस ने पहले इस सीट से आकाश मोरे को मैदान में उतारा था। नामांकन वापसी के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने कहा:

"हमने अपना उम्मीदवार केवल महायुति के साथ अपने वैचारिक मतभेदों को दर्शाने के लिए उतारा था। लेकिन अजित पवार का जाना हम सभी के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए हमने अपना प्रत्याशी वापस लेने का निर्णय लिया है।"

6 दशकों से 'पवार परिवार' का अभेद्य किला

बारामती सीट का इतिहास पवार परिवार की विरासत से जुड़ा है।

1967 - 1991: इस सीट का प्रतिनिधित्व शरद पवार ने किया।

1991 - 2026: 1991 के उपचुनाव से लेकर अपनी मृत्यु तक अजित पवार यहाँ से विधायक रहे। अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही की जाएगी।

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