बंगाल में सियासी घमासान: TMC ने वीडियो जारी कर हुमायूं कबीर पर लगाया भाजपा से ₹1000 करोड़ की 'डील' का आरोप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक विवादित वीडियो जारी कर 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के अध्यक्ष हुमायूं कबीर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच एक गुप्त समझौते का दावा किया है। टीएमसी का आरोप है कि कबीर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर साजिश रच रहे हैं।

09 Apr 2026  |  35

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। गुरुवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक विवादित वीडियो जारी कर 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के अध्यक्ष हुमायूं कबीर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच एक गुप्त समझौते का दावा किया है। टीएमसी का आरोप है कि कबीर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर साजिश रच रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी का बड़ा हमला

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और कुणाल घोष ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कथित वीडियो को साझा किया। टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि:

हुमायूं कबीर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जैसे सुवेंदु अधिकारी, मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश) और हिमंता बिस्व सरमा (मुख्यमंत्री, असम) के संपर्क में हैं।

यह साजिश प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के स्तर तक जुड़ी हुई है।

टीएमसी ने इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग की है।

₹1000 करोड़ का कथित सौदा और रणनीति

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो (जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है) के आधार पर टीएमसी ने दावा किया है कि ममता बनर्जी को हराने के लिए 1000 करोड़ रुपये का एक बड़ा सौदा हुआ है।

अल्पसंख्यक वोटों का गणित: आरोप है कि कबीर ने भाजपा के साथ मिलकर अल्पसंख्यक वोटों को टीएमसी से अलग करने की रणनीति बनाई है, ताकि भाजपा को चुनावी लाभ मिल सके।

एडवांस पेमेंट का दावा: वीडियो में कथित तौर पर यह बात कही गई है कि इस सौदे के तहत 200 करोड़ रुपये अग्रिम (एडवांस) के तौर पर दिए जा चुके हैं।

हुमायूं कबीर और भाजपा की प्रतिक्रिया

आरोपों पर पलटवार करते हुए हुमायूं कबीर ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है:

AI निर्मित वीडियो: कबीर ने इस वीडियो को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)' द्वारा तैयार किया गया फर्जी वीडियो बताया और इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश करार दिया।

चुनौती: उन्होंने कहा कि यदि टीएमसी इन आरोपों को साबित कर दे, तो वे राजनीति और चुनाव से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

वहीं, भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने इन आरोपों को टीएमसी की बौखलाहट बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता खोने के डर से तृणमूल कांग्रेस मनगढ़ंत आरोप लगा रही है।

निष्कर्ष

चुनावी दहलीज पर खड़े बंगाल में इस नए वीडियो बम ने आरोपों और प्रत्यारोपों के दौर को और तेज कर दिया है। जहाँ टीएमसी इसे लोकतंत्र के खिलाफ बड़ी साजिश बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सत्ताधारी दल की चुनावी हताशा करार दे रहा है।

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