हरियाणा: बिना OTP के भी हैक हो सकता है आपका WhatsApp: SP सिद्धांत जैन ने ‘घोस्ट पेयरिंग’ फ्रॉड से किया आगाह

हिसार के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धांत जैन ने एक बेहद खतरनाक और नए साइबर फ्रॉड 'घोस्ट पेयरिंग' (Ghost Pairing) के प्रति जनता को अलर्ट किया है। इस तकनीक के जरिए साइबर अपराधी बिना किसी पासवर्ड, ओटीपी या सिम स्वैप के आपके अकाउंट में सेंध लगा रहे हैं।

11 Apr 2026  |  18

 

हिसार। अगर आप सोचते हैं कि बिना ओटीपी (OTP) साझा किए आपका वॉट्सऐप सुरक्षित है, तो आपको फिर से सोचने की जरूरत है। हिसार के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धांत जैन ने एक बेहद खतरनाक और नए साइबर फ्रॉड 'घोस्ट पेयरिंग' (Ghost Pairing) के प्रति जनता को अलर्ट किया है। इस तकनीक के जरिए साइबर अपराधी बिना किसी पासवर्ड, ओटीपी या सिम स्वैप के आपके अकाउंट में सेंध लगा रहे हैं।

क्या है 'घोस्ट पेयरिंग' और कैसे होती है ठगी?

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी का हवाला देते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह हैकिंग कैंपेन वॉट्सऐप के 'लिंक्ड डिवाइसेज' फीचर का गलत फायदा उठाता है।

संदिग्ध लिंक: अपराधी किसी परिचित के नाम से एक लिंक भेजते हैं (जैसे: 'यह फोटो देखो')।

फर्जी पेज: लिंक पर क्लिक करते ही एक नकली फेसबुक या मीडिया व्यूअर पेज खुलता है।

नंबर की मांग: यह पेज वेरिफिकेशन के बहाने आपसे आपका मोबाइल नंबर मांगता है।

बिना अनुमति एक्सेस: जैसे ही यूजर नंबर दर्ज करता है, हैकर्स बैकग्राउंड में वॉट्सऐप के फीचर का इस्तेमाल कर अकाउंट को अपने डिवाइस से 'पेयर' (जोड़) लेते हैं।

परदे के पीछे से आपकी हर हरकत पर नजर

इस ठगी को 'घोस्ट' (भूत) इसलिए कहा गया है क्योंकि हैकर बैकग्राउंड में छिपा रहता है। एक बार अकाउंट जुड़ जाने के बाद अपराधी:

आपके पुराने और रीयल-टाइम (मौजूदा) मैसेज पढ़ सकते हैं।

आपकी ओर से आपके दोस्तों या रिश्तेदारों को पैसे मांगने के लिए मैसेज, फोटो या वीडियो भेज सकते हैं।

आपकी निजी चैट और डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।

"यह एक गंभीर साइबर हमला है जिसमें यूजर की निजता पूरी तरह भंग हो जाती है। अपराधी बिना किसी शोर-शराबे के आपके डिजिटल जीवन का हिस्सा बन जाते हैं।" — सिद्धांत जैन, SP हिसार

बचाव के लिए क्या करें? (सुरक्षा टिप्स)

साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

संदिग्ध लिंक से बचें: किसी भी अनजान या बिना मांगे आए लिंक पर क्लिक न करें, चाहे वह किसी परिचित ने ही क्यों न भेजा हो।

निजी जानकारी न दें: किसी भी बाहरी वेबसाइट या पॉप-अप विंडो पर अपना मोबाइल नंबर या ओटीपी दर्ज न करें।

लिंक्ड डिवाइसेज चेक करें: वॉट्सऐप सेटिंग्स में जाकर 'Linked Devices' की सूची नियमित रूप से चेक करें। यदि कोई अनजान डिवाइस दिखे, तो तुरंत 'Log Out' करें।

टू-स्टेप वेरिफिकेशन: अपने वॉट्सऐप पर Two-Step Verification को हमेशा ऑन रखें।

ठगी होने पर क्या करें? यदि आपको संदेह है कि आपका अकाउंट हैक हो गया है, तो तुरंत अपना इंटरनेट बंद करें और नजदीकी साइबर सेल या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

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