बंगाल चुनाव के बीच पार्थ चटर्जी के घर ED की दस्तक: शिक्षक भर्ती घोटाले में फिर बढ़ी तपिश, डिजिटल उपकरण जब्त

राज्य के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी ने शनिवार सुबह पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के नाकतला स्थित आवास पर अचानक छापेमारी की।

11 Apr 2026  |  26

 

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए जारी हाई-वोल्टेज प्रचार के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्य के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी ने शनिवार सुबह पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के नाकतला स्थित आवास पर अचानक छापेमारी की।

करीब तीन साल जेल में बिताने के बाद पिछले वर्ष नवंबर में जमानत पर रिहा हुए चटर्जी के लिए यह कार्रवाई एक नया कड़ा झटका मानी जा रही है।

समन की अनदेखी के बाद घर पहुंची टीम

सूत्रों के अनुसार, जमानत पर बाहर आने के बाद ईडी ने पार्थ चटर्जी को तीन बार पूछताछ के लिए समन भेजा था, लेकिन उन्होंने बीमारी का हवाला देकर पेश होने से इनकार कर दिया था। शनिवार सुबह करीब 10:45 बजे केंद्रीय बलों के साथ ईडी अधिकारियों की टीम सीधे उनके आवास पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया।

बरामदगी: तलाशी के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस (मोबाइल व हार्ड ड्राइव) जब्त किए हैं।

पूछताछ: अधिकारियों ने पूर्व मंत्री से भर्ती प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन के नए सुरागों के बारे में घंटों पूछताछ की।

बिचौलिए प्रसन्न रॉय के ठिकानों पर भी छापा

ईडी की कार्रवाई केवल नाकतला तक ही सीमित नहीं रही। टीम ने इस घोटाले के कथित बिचौलिए प्रसन कुमार रॉय के न्यूटाउन स्थित कार्यालय और आवास पर भी छापेमारी की। प्रसन को इस पूरे मामले में एक प्रमुख कड़ी माना जाता है।

चुनाव के बीच बढ़ा सियासी पारा

पार्थ चटर्जी के घर यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है।

TMC से दूरी: तृणमूल कांग्रेस पहले ही पार्थ चटर्जी को पार्टी के सभी पदों से निलंबित कर चुकी है। इस बार के चुनाव में उन्हें उनकी पारंपरिक सीट बेहला पश्चिम से टिकट भी नहीं दिया गया है।

अतीत का साया: गौरतलब है कि जुलाई 2022 में इसी मामले में पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से करीब 50 करोड़ रुपये नकद और भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

निष्कर्ष: चुनाव आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, बंगाल में मतदान के पहले चरण में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय एजेंसी की यह सक्रियता चुनावी विमर्श को फिर से 'शिक्षक भर्ती घोटाले' की ओर मोड़ सकती है, जो सत्तारूढ़ दल के लिए एक बड़ी चुनौती है।

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