तमिलनाडु चुनाव: वीरप्पन की 'विरासत' पर कूटनीतिक जंग, बेटी और पत्नी ने संभाली 'तमिल राष्ट्रवाद' की कमान

वीरप्पन की बेटी विद्यारानी और पत्नी मुथुलक्ष्मी ने चुनावी मैदान में उतरकर एक नई बहस छेड़ दी है। वे वीरप्पन को एक अपराधी के बजाय 'तमिल अस्मिता के रक्षक' और गरीबों के 'रॉबिन हुड' के रूप में पेश कर रही हैं।

11 Apr 2026  |  22

 

चेन्नई/कृष्णागिरी। तमिलनाडु की राजनीति में करीब दो दशक बाद एक बार फिर 'चन्दन तस्कर' वीरप्पन का नाम गूँज रहा है। इस बार यह शोर जंगलों से नहीं, बल्कि चुनावी रैलियों से आ रहा है। वीरप्पन की बेटी विद्यारानी और पत्नी मुथुलक्ष्मी ने चुनावी मैदान में उतरकर एक नई बहस छेड़ दी है। वे वीरप्पन को एक अपराधी के बजाय 'तमिल अस्मिता के रक्षक' और गरीबों के 'रॉबिन हुड' के रूप में पेश कर रही हैं।

विद्यारानी: वकील से राजनेता तक का सफर

वीरप्पन की बड़ी बेटी, 35 वर्षीय विद्यारानी पेशे से वकील हैं और इस बार 'नाम तमिलर काची' (NTK) के टिकट पर मेट्टूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं।

बदलता राजनीतिक स्टैंड: विद्यारानी ने अपने सफर की शुरुआत PMK से की, फिर वह भाजपा में शामिल हुईं और अब सीमान की पार्टी NTK के साथ 'तमिल राष्ट्रवाद' की अलख जगा रही हैं।

लोकप्रियता: 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें कृष्णागिरी से एक लाख से अधिक वोट मिले थे, जो उनकी बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है।

"अगर मेरे पिता आज जीवित होते, तो वे बंदूक छोड़कर इसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनते। वे खूंखार नहीं थे, बल्कि उन्होंने हमेशा शोषण के खिलाफ आवाज उठाई।" — विद्यारानी, NTK उम्मीदवार

मुथुलक्ष्मी: किसानों के हक की लड़ाई

वीरप्पन की पत्नी मुथुलक्ष्मी कृष्णागिरी से 'तमिलगा वाझवुरिमाई काची' की उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। वे मुख्य रूप से कृषि संकट, पानी की समस्या और किसानों के सम्मान को अपना मुद्दा बना रही हैं। मुथुलक्ष्मी का कहना है कि वे अपने पति की उस छवि को आगे ले जाना चाहती हैं जिसमें वे स्थानीय लोगों की मदद किया करते थे।

सियासी समीकरण: PMK के लिए बढ़ी मुश्किल

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वीरप्पन के परिवार की मौजूदगी AIADMK-PMK गठबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।

वन्नियार वोट बैंक: मेट्टूर और कृष्णागिरी इलाकों में 'वन्नियार' समुदाय का दबदबा है, जो पारंपरिक रूप से PMK का समर्थक रहा है।

वोटों का बिखराव: विद्यारानी और मुथुलक्ष्मी की अपील इस समुदाय के युवाओं के बीच काफी अधिक है, जिससे वोटों का एक बड़ा हिस्सा NTK की ओर खिसक सकता है।

NTK का 'वीरप्पन कार्ड'

पार्टी प्रमुख सीमान ने खुलेआम वीरप्पन का समर्थन किया है। उन्होंने रैलियों में वीरप्पन की तुलना LTTE प्रमुख प्रभाकरन से करते हुए उन्हें 'जंगलों का रक्षक' बताया है। यह रणनीति उन युवाओं को आकर्षित कर रही है जो उग्र तमिल राष्ट्रवाद की विचारधारा से जुड़े हैं।

चुनाव कार्यक्रम: तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल 2026 को मतदान होना है, जबकि नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। वीरप्पन के परिवार की यह चुनावी पारी यह तय करेगी कि राज्य की जनता 'जंगल राज' के उस अतीत को किस नजरिए से देखती है।

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