मुंबई। भारतीय ऑटोमोबाइल दिग्गज महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने अपने वैश्विक पोर्टफोलियो को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने तुर्की स्थित अपनी सहायक कंपनी 'एर्कुंट फाउंड्री' (Erkunt Foundry) में अपनी पूरी 99.04 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए एक शेयर खरीद समझौता (SPA) किया है। यह हिस्सेदारी तुर्की की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कंपनी 'हिसारलर मकीना सनाई' के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम को बेची जा रही है।
पूंजी आवंटन रणनीति का हिस्सा
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया कि यह फैसला कंपनी के 'कैपिटल एलोकेशन फ्रेमवर्क' के अनुरूप है। कंपनी पिछले कुछ समय से अपने उन विदेशी व्यवसायों की समीक्षा कर रही है जो घाटे में हैं या कंपनी के मुख्य विकास लक्ष्यों (Core Growth) में फिट नहीं बैठते। फाउंड्री बिजनेस से बाहर निकलना इसी रणनीति का हिस्सा है ताकि पूंजी को अधिक लाभकारी क्षेत्रों में निवेश किया जा सके।
डील की बारीकियां और निवेश
इस सौदे को महिंद्रा की मॉरीशस स्थित इकाई (MOICML) और एर्कुंट ट्रैक्टर के माध्यम से अंजाम दिया गया है।
बिक्री मूल्य: कंसोर्टियम से मिलने वाला रिटर्न लगभग 1,00,000 तुर्की लीरा (करीब ₹2.13 लाख) होगा।
अतिरिक्त निवेश: इस सौदे को पूरा करने और बाहरी कर्ज चुकाने के लिए महिंद्रा ने 1.2 बिलियन तुर्की लीरा (लगभग ₹256 करोड़) का निवेश किया है।
खरीदार की प्रोफाइल: हिस्सेदारी खरीदने वाले कंसोर्टियम में हिसारलर मकीना सनाई के साथ ओज़ुहान शाहिनकाया और बुन्यामिन सरियोग्लू शामिल हैं। 'हिसारलर' का यूरोपीय बाजार में मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है, जो इस व्यवसाय को स्थायी रूप से आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं।
ट्रैक्टर बिजनेस पर नहीं पड़ेगा असर
महिंद्रा ने स्पष्ट किया है कि फाउंड्री बिजनेस (ढलाई व्यवसाय) से बाहर निकलने का तुर्की में उनके ट्रैक्टर कारोबार पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। एर्कुंट ट्रैक्टर (Erkunt Traktor) महिंद्रा ग्रुप के हिस्से के रूप में पहले की तरह ही संचालित होता रहेगा और कंपनी तुर्की के कृषि क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी।
विशेषज्ञों की राय: बाजार जानकारों का मानना है कि महिंद्रा का यह कदम बैलेंस शीट को मजबूत करने और वैश्विक ऑपरेशंस को सरल बनाने में मदद करेगा। कंपनी अब अपना ध्यान ईवी (EV) और घरेलू एसयूवी (SUV) सेगमेंट जैसे उच्च-विकास वाले क्षेत्रों पर केंद्रित कर रही है।
मुख्य बिंदु:
तिथि: समझौते पर 10 अप्रैल, 2026 को हस्ताक्षर किए गए।
हिस्सेदारी: 99.04 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची गई।
रणनीति: गैर-प्रमुख विदेशी संपत्तियों से विनिवेश।